हैदराबाद के मैदान पर जब साकिब हुसैन ने गेंद थामी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह डेब्यू मैच इतिहास बन जाएगा। बिहार के गोपालगंज से निकलकर आए इस 21 साल के तेज गेंदबाज ने राजस्थान के खिलाफ 4 विकेट लेकर अपनी पहचान बना ली। अब वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने पहले ही मैच में बड़ा कारनामा किया।
गरीबी में बीता बचपन
साकिब का सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता मजदूरी करते थे और रोजाना 200-300 रुपये कमाकर परिवार का गुजारा करते थे। ऐसे हालात में क्रिकेट जैसे सपने देखना भी मुश्किल था। घर की जिम्मेदारियों के बीच साकिब का जुनून ही उन्हें आगे बढ़ाता रहा।
मां का त्याग बना ताकत
क्रिकेट खेलने के लिए साकिब को प्रोफेशनल जूतों की जरूरत थी, जिनकी कीमत हजारों में थी। यह रकम जुटाना परिवार के लिए नामुमकिन था। ऐसे में उनकी मां ने अपने गहने बेचकर बेटे का सपना जिंदा रखा। उसी त्याग ने साकिब के करियर की नींव रखी और उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
कम उम्र में बड़ा मौका
साकिब ने महज 17 साल की उम्र में बिहार के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में डेब्यू किया। अपने दूसरे ही मैच में 4 विकेट लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया था। इसके बाद रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
आईपीएल में मिला बड़ा मंच
आईपीएल 2026 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन पर 30 लाख रुपये का भरोसा जताया। यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका था। जब उन्हें टीम में चुने जाने की खबर मिली, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनका सपना सच हो गया है।
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डेब्यू में ही मचा दिया तहलका
राजस्थान के खिलाफ अपने पहले ही मैच में साकिब ने 4 विकेट झटककर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। उनके साथ प्रफुल्ल हिंगे ने भी शानदार गेंदबाजी की, जिससे पूरी टीम दबाव में आ गई। हैदराबाद ने यह मुकाबला 57 रन से जीतकर सीजन में बड़ा संदेश दे दिया।
नई पहचान, नई उम्मीद
साकिब हुसैन की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि संघर्ष और हौसले की मिसाल है। मजदूर के बेटे से आईपीएल स्टार बनने तक का उनका सफर दिखाता है कि मेहनत और विश्वास से कोई भी सपना पूरा हो सकता है। अब आने वाले मैचों में सभी की नजर इस नए सितारे पर टिकी रहेगी।