भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन पैर के अंगूठे में चोट से जूझ रहे हैं और उनका उपचार चल रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने सरफराज पर भरोसा जताया है। सरफराज के लिए यह वापसी किसी बड़े मौके से कम नहीं है। उन्होंने अब तक भारत के लिए छह टेस्ट मैच खेले हैं और 11 पारियों में 371 रन बनाए हैं। उनके नाम एक शतक और तीन अर्धशतक भी दर्ज हैं। अब श्रीलंका की परिस्थितियां उनके लिए एक बार फिर खुद को साबित करने का मंच बन सकती हैं।
श्रीलंका की पिचों पर काम आ सकता है सरफराज का खास अंदाज
श्रीलंका में स्पिन गेंदबाज अक्सर बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बनते हैं। ऐसी परिस्थितियों में सरफराज की बल्लेबाजी शैली टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। वह स्पिन के खिलाफ स्वीप और आक्रामक शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। 62 मुकाबलों में उन्होंने 5114 रन बनाए हैं, जिसमें 17 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। इससे पता चलता है कि लंबी पारी खेलने के साथ-साथ वह स्पिन के खिलाफ दबाव बनाने की क्षमता भी रखते हैं।
मुश्किल समय में बदल सकते हैं मुकाबले का रुख
सरफराज की सबसे बड़ी ताकत उनका आक्रामक रवैया माना जाता है। वह लंबे समय तक रक्षात्मक बल्लेबाजी करने के बजाय गेंदबाजों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में कई बार ऐसी बल्लेबाजी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाल सकती है। श्रीलंका में अगर भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के सामने रन बनाने में परेशानी आती है, तो सरफराज का आक्रामक खेल टीम के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।
लंबे इंतजार के बाद मिला दोबारा मौका
सरफराज काफी समय से भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। टीम से अंदर-बाहर होने के बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया। अब साई सुदर्शन की चोट ने उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खोलने का मौका दिया है। यह अवसर सरफराज के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन करने पर वह चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी को और मजबूत कर सकते हैं।
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अब निगाहें श्रीलंका में प्रदर्शन पर
सरफराज को टीम में शामिल करने के पीछे सिर्फ साई सुदर्शन की अनुपलब्धता ही कारण नहीं है। श्रीलंका की परिस्थितियों के हिसाब से उनकी बल्लेबाजी शैली भी टीम के लिए उपयोगी नजर आती है। हालांकि अंतिम एकादश में उनका खेलना टीम संयोजन पर निर्भर करेगा। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले में शुरू होना है। ऐसे में सरफराज के पास वापसी को यादगार बनाने का शानदार अवसर होगा।