Sarfaraz Khan Stunning Catch : रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई ने रेलवे के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 106 रनों से जीत दर्ज की। मैच के आखिरी दिन रेलवे की टीम 372 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। ईशान गोयल और जुबैर अली ने छठे विकेट के लिए 167 रनों की शानदार साझेदारी कर मुंबई की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। दोनों बल्लेबाज 156 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे। ऐसा लगने लगा था कि रेलवे यह मुकाबला ड्रॉ करा लेगा, लेकिन तभी सरफराज खान के एक शानदार कैच ने मैच का रुख बदल दिया।
हवा में उछलकर पकड़ा शानदार कैच
मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले गए एलीट ग्रुप डी के इस मुकाबले में रेलवे को जीत के लिए 372 रन बनाने थे। ईशान गोयल ने 103 और जुबैर अली ने 115 रनों की पारी खेली। दोनों ने 212 गेंदों पर 167 रन जोड़े। इसी बीच मुशीर खान गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी गेंद पर गोयल ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई। पहली स्लिप पर खड़े सरफराज तेजी से लेग स्लिप की तरफ दौड़े और डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया। इस तरह गोयल की पारी खत्म हुई।
एक के बाद एक गिरे विकेट
ईशान गोयल का विकेट गिरने के बाद मुंबई के खिलाड़ियों का जोश बढ़ गया। सूर्यांश शेडगे ने मिड-ऑफ से बाईं ओर दौड़कर जुबैर अली का कैच पकड़ा। जुबैर 115 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद तनुष कोटियन ने शॉर्ट मिडविकेट पर एक हाथ से शानदार कैच लेकर रेलवे को आठवां झटका दिया। मुंबई के गेंदबाजों और फील्डरों ने आखिरी घंटे में लगातार दबाव बनाया। आखिरकार रेलवे की पूरी टीम 265 रनों पर सिमट गई और मुंबई ने 106 रन से मुकाबला जीत लिया।
दिव्यांश सक्सेना ने लगाया शतक
मुंबई ने मैच के अंतिम दिन अपनी दूसरी पारी की बढ़त में 60 रन और जोड़े। दिव्यांश सक्सेना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 136 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसी शतक की मदद से मुंबई ने रेलवे के सामने 372 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा। दूसरी ओर रेलवे की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। शम्स मुलानी ने चार विकेट लेकर मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। सरफराज खान ने भी एक रन आउट किया।
कप्तान को सताने लगी थी ड्रॉ की चिंता
मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने माना कि ईशान गोयल और जुबैर अली की साझेदारी के दौरान टीम को ड्रॉ की चिंता सताने लगी थी। उन्होंने कहा कि दोनों बल्लेबाजों ने लंबे समय तक टिककर मुंबई के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी। हालांकि, सरफराज के कैच के बाद टीम को वापसी का मौका मिला। कप्तान ने इरानी कप के आखिरी दिन मिली हार का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि टीम को उस अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा।
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पहले दौर में मुंबई सबसे आगे
इस जीत के साथ मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के पहले दौर का अंत 27 अंकों के साथ किया। यह सभी टीमों में सबसे ज्यादा अंक हैं। सिद्धेश लाड ने कहा कि टीम शुरुआती चार मैचों के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। पिछले दो सत्रों में भी मुंबई ने लीग चरण में अच्छा खेल दिखाया था, लेकिन इस बार टीम का लक्ष्य आगे बढ़कर खिताब जीतना और मुंबई क्रिकेट की विरासत में एक नया अध्याय जोड़ना है।