भारतीय घरेलू क्रिकेट में सरफराज खान का प्रदर्शन लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। मुंबई के लिए खेलते हुए उन्होंने रणजी ट्रॉफी में लगातार शानदार बल्लेबाजी की। 2019-20 सीजन में उन्होंने 154 की औसत से 928 रन बनाए, जबकि अगले सीजन में 133 की औसत से 982 रन बनाकर एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की। इन प्रदर्शनों के बाद उन्हें घरेलू क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिना जाने लगा।
देर से मिला टीम इंडिया का मौका
लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद सरफराज को भारतीय टीम में जगह मिलने का लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान उन्हें डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने शुरुआती दो पारियों में 62 और 68 रन बनाकर प्रभावित किया और बाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ 150 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी क्षमता भी दिखाई।
कुछ खराब पारियां पड़ीं भारी
शानदार शुरुआत के बाद सरफराज का प्रदर्शन कुछ पारियों में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। अब श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में भी उनका नाम शामिल नहीं है। इससे एक बार फिर उनके चयन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है।
फिटनेस पर भी की कड़ी मेहनत
सरफराज खान को पहले उनकी फिटनेस को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए करीब दो महीने में 17 किलो वजन कम किया। फिटनेस में सुधार के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका नहीं मिला, जिससे चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आंकड़े करते हैं मजबूत दावेदारी
सरफराज खान का प्रथम श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने लगातार बड़े रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें और मौके मिलने चाहिए। हालांकि अंतिम फैसला चयन समिति के हाथ में होता है।
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वापसी की उम्मीद अभी बाकी
सरफराज खान की उम्र अभी 28 वर्ष है और उनके पास क्रिकेट का लंबा सफर बाकी है। यदि वह घरेलू क्रिकेट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भविष्य में टीम इंडिया में वापसी की संभावना बनी रहेगी। फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि चयनकर्ता उन्हें अगला मौका कब देते हैं।