भारत के सर्वेश कुशारे ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। 31 साल के सर्वेश ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष हाई जंप में सिल्वर जीतने वाले वह पहले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। खास बात यह है कि सर्वेश ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
छोटे से गांव से शुरू हुआ हाई जंप का सफर
सर्वेश कुशारे का जन्म 17 जून 1995 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव में हुआ था। स्कूल के दिनों में ही उनका झुकाव हाई जंप की तरफ हो गया था। उनके शारीरिक शिक्षा शिक्षक रावसाहेब जाधव ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और आगे बढ़ने में मदद की। धीरे-धीरे सर्वेश ने हाई जंप में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी। उनकी सफलता का असर सिर्फ उनके करियर पर नहीं पड़ा, बल्कि गांव और आसपास के कई युवाओं ने भी उन्हें देखकर हाई जंप को अपनाया।
दर्जनों युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सर्वेश की कामयाबी ने देवगांव और आसपास के युवाओं को खेल के जरिए जिंदगी बदलने का रास्ता दिखाया। दर्जनों युवाओं ने उनसे प्रेरित होकर हाई जंप की तैयारी शुरू की। इनमें कई युवाओं का सपना खेल कोटे के जरिए नौकरी हासिल करना और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करना है। इस तरह सर्वेश की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के मेडल तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अपने आसपास के कई युवाओं को नया मकसद भी दिया।
भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं सर्वेश
सर्वेश कुशारे का भारतीय सेना से भी खास रिश्ता है। उन्होंने साल 2016 में भारतीय सेना जॉइन की और 101 फील्ड रेजिमेंट में नायब सूबेदार बने। सेना से जुड़ने के बाद उन्हें अपने खेल पर ज्यादा मजबूती से काम करने का मौका मिला। नौकरी से मिली स्थिरता के साथ उन्होंने हाई जंप में अपनी तैयारी जारी रखी और राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भारत के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
8 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी सर्वेश कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उन्होंने 2019 के साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड और 2023 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। जून 2026 में उन्होंने 2.31 मीटर की छलांग लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना 2.30 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद डायमंड लीग में डेब्यू करते हुए उन्होंने 2.26 मीटर की छलांग लगाई और तीसरे स्थान पर रहे।
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पहली बार CWG में उतरे और जीत लिया सिल्वर
ग्लासगो में सर्वेश के सामने चुनौती बड़ी थी, लेकिन उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर भारत को सिल्वर दिला दिया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष हाई जंप में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। गांव से निकले एक खिलाड़ी से भारतीय सेना के नायब सूबेदार और फिर नेशनल रिकॉर्ड होल्डर बनने तक सर्वेश का सफर लंबा रहा है। अब कॉमनवेल्थ गेम्स का ऐतिहासिक सिल्वर उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।