बीते साल 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसमें जिसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा था। अब उन जगहों पर बड़े स्तर पर सफाई और दोबारा निर्माण का काम शुरू होता दिखाई दे रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों में वहां निर्माण सामग्री और मशीनें नजर आई हैं। इससे पता चलता है कि इन ठिकानों को फिर से तैयार किया जा रहा है।
पीओके उनके लिए कम सुरक्षित माना जाने लगा
मंगलवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक,ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपने कई अहम ऑपरेशनल बेस पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से हटाकर खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) में शिफ्ट किए हैं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो भारतीय हमलों के बाद पीओके उनके लिए कम सुरक्षित माना जाने लगा, जबकि केपीके को अधिक सुरक्षित और बचाव योग्य समझा जा रहा है।
जैश-ए-मोहम्मद की खुली सभाएं
अमेरिका की संस्था मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईएमआरआई) ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि यह शिफ्टिंग पाकिस्तान की सरकारी मशीनरी की सीधी सहायता से की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जैश-ए-मोहम्मद की खुली सभाएं पुलिस सुरक्षा में आयोजित हुईं और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम की भी इसमें भूमिका रही।
फिर से निर्माण गतिविधियां साफ दिखाई दे रहीं
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। एमईएमआरआई की रिपोर्ट में कहा गया, “सैटेलाइट तस्वीरों में बहावलपुर में एन-5 नेशनल हाईवे के पास मौजूद जामिया सुभान अल्लाह परिसर में फिर से निर्माण गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। 14 अप्रैल 2026 की तस्वीरों में भारी मशीनें और कई निर्माण वाहन साइट पर काम करते नजर आए।” रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अमेरिका की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी वंटोर से मिली हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों में देखा गया कि मस्जिद के जो गुंबद हमले में क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें अब दोबारा बना दिया गया है। नए गुंबदों का रंग पहले की तुलना में ज्यादा गहरा दिखाई दे रहा है, जिससे लगता है कि हाल ही में सीमेंट का काम हुआ है।”
दूसरे ठिकानों पर भी दोबारा निर्माण का काम
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ बहावलपुर ही नहीं बल्कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दूसरे ठिकानों पर भी दोबारा निर्माण का काम हो रहा है। इसमें कहा गया कि इस साल 22 अप्रैल की सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की सैयदना बिलाल मस्जिद में भी ऐसी गतिविधियां देखी गईं, जिसे इस संगठन से जुड़ा माना जाता है। पाकिस्तान अभी भी एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग की निगरानी में है। यह संस्था एफएटीएफ के आतंकवाद फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के मानकों के आधार पर देशों की जांच करती है।