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Chitrakoot Flood News----चित्रकूट में लगातार पांच दिनों से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने और घटने का सिलसिला जारी है। कई बार नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है। बाढ़ से निचले इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रामघाट पूरी तरह डूबा है, जबकि नयागांव में भी पानी भर गया है। 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित हैं। अब मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
खतरे के निशान के आसपास जलस्तर
मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। बुधवार सुबह 7 बजे जलस्तर 126 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो दोपहर 3.30 बजे बढ़कर 129.15 मीटर पहुंच गया। शाम 5 बजे यह 129 मीटर पर स्थिर रहा। जलस्तर में तेजी से बदलाव राहत और बचाव कार्य के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
400 से ज्यादा दुकानें डूबीं
बाढ़ का असर चित्रकूट के करीब 60 फीसदी हिस्से में दिखाई दे रहा है। लंका तिराहे तक पानी पहुंचने से कामदगिरी का मुख्य पहुंच मार्ग बंद हो गया है। रामघाट पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है और नयागांव भी प्रभावित है। बाढ़ और कीचड़ के कारण बाजार, दुकानें और होटल बंद हैं।
36 गांवों में अलर्ट, बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने सतना जिले में अगले दो दिनों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जिले में 36 गांवों को भी अलर्ट पर रखा गया है। बंगाल के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने से जिले में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
पंप से निकाला जा रहा पानी
चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप की मदद से निकाला जा रहा है। नगर परिषद की ओर से जल निकासी और सफाई का काम जारी है। जलभराव वाले इलाकों में नालियों की सफाई कर पानी निकालने की कोशिश की जा रही है। राहत कार्यों के लिए सूखी लकड़ी की भी व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने संभाली कमान
बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार चित्रकूट में मौजूद हैं। राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। प्रभावित इलाकों में सफाई, जल निकासी, स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और पुनर्वास से जुड़े काम किए जा रहे हैं। लगातार बारिश के कारण प्रशासन के सामने हालात सामान्य करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।