
सनातन धर्म में पूजा पाठ और धार्मिक कार्यों का काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. कहा जाता है कि पूजा पाठ और धार्मिक कार्य से व्यक्ति पुण्य फलों की प्राप्ति करता है. इससे उसके घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है. वहीं कई बार देखा जाता है कि लोग बीमार होने या भूख न सह पाने की वजह से कुछ खा लेते हैं, तो उसके मन में ये सवाल रहता है कि क्या वो खाने के बाद भी पूजा-पाठ कर सकता है?
इस सवाल का जवाब धर्मशास्त्रों और पुराणों में ऋषि-मुनियों द्वारा दिया गया है. इसके तहत व्रतराज नामक एक ग्रंथ में 7 चीजों को पवित्र बताया गया है, जिनका सेवन करने के बावजूद व्यक्ति पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कर सकता है. आइए जान लेतें हैं ये सात पवित्र चीजें कौनसी हैं?
जल
जल यानी कि पानी को जीवन माना गया है. अगर किसी को प्यास लगी हो तो व्यक्ति पूजा से पहले जल पी सकता है. जल पीने के बाद की जाने वाली पूजा को भगवान स्वीकार कर लेते हैं क्योंकि ये शास्त्रसम्मत भी है.
गाय का दूध
इसके साथ ही गाय का दूध बहुत पवित्र होता है. व्यक्ति या कोई व्रती दूध का सेवन करके पूजा पाठ कर सकता है. इससे व्रत या पूजा में विघ्न नहीं पड़ता है.
शकरकंद, अरबी, आलू
शकरकंद, अरबी, आलू आदि की गिनती कंद मूल भोजन में होती है. ये चीजें सात्विक होती हैं. इनके सेवन के बाद पूजा पाठ किया जा सकता है.
फल का सेवन
फलों को स्वाभाविक रूप से सात्त्विक और पवित्र माना गया है. फलों का सेवन करने के बाद भी पूजा पाठ किया जा सकता है.
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दवाएं
अगर कोई व्यक्ति बीमार है, तो वो दवाएं खाकर पूजा-पाठ कर सकता है. औषधियां शास्त्रों में धर्मसम्मत मानी गई हैं.
पान का पत्ता
हिंदू धर्म में पान का पत्ता बहुत शुद्ध माना गया है. इसका उपययोग पूज पाठ में भी किया जाता है. इस लिए इसके सेवन के बाद भी पूजा-पाठ की जा सकती है.
गन्ना
गन्ना प्राकृतिक और सात्विक माना जाता है. इसके सेवन के बाद भी पूजा पाठ करने पर कोई रोक नहीं है.