Satwik Chirag : भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स 2026 का खिताब जीतकर देश को बड़ी खुशखबरी दी है। चीन में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मेजबान देश की जोड़ी हे जी तिंग और रेन शियांग यू को हराया। इस जीत के साथ दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी।
मुश्किल शुरुआत
फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए आसान नहीं रही। पहला गेम चीन की जोड़ी ने 21-11 से अपने नाम किया। शुरुआती गेम में सात्विक और चिराग लय में नजर नहीं आए और चीनी खिलाड़ियों ने घरेलू दर्शकों के सामने दबाव बनाए रखा। पहले गेम की हार के बाद ऐसा लग रहा था कि मुकाबला भारत के हाथ से निकल सकता है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य नहीं खोया।
शानदार वापसी
दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने पूरी तरह अलग अंदाज में खेल दिखाया। दोनों ने आक्रामक खेल अपनाते हुए लगातार अंक जुटाए और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक गेम में भी भारतीय जोड़ी ने आत्मविश्वास बनाए रखा। सात्विक के दमदार स्मैश और चिराग के बेहतरीन नेट खेल ने विरोधियों पर दबाव बढ़ा दिया।
तीसरी बार मिली सफलता
चाइना मास्टर्स में यह दोनों खिलाड़ियों का तीसरा फाइनल था। इससे पहले वे 2023 और 2025 में भी फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाए थे। इस बार उन्होंने पुरानी निराशा को पीछे छोड़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खास बात यह रही कि पहले गेम में हार के बाद भी उन्होंने मुकाबले में शानदार वापसी की और जीत हासिल की।
इनाम भी बड़ा
इस खिताबी जीत के साथ भारतीय जोड़ी को 92,500 डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 87 लाख रुपये बताई जा रही है। यह जीत केवल ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देने वाली साबित हुई। चीन की मजबूत जोड़ी के खिलाफ जीत ने उनकी तैयारियों को भी मजबूती दी है।
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आगे बढ़ा मनोबल
सात्विक और चिराग के लिए यह मौजूदा सत्र का दूसरा बड़ा खिताब है। इससे पहले वे सिंगापुर ओपन भी जीत चुके हैं। चोट और फिटनेस की चुनौतियों के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। एशियाई खेलों से पहले मिली यह सफलता भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जोड़ी आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी भारत की सबसे मजबूत उम्मीदों में शामिल रहेगी।