Satya Niketan Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एम्स पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
#WATCH दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में घायल हुए लोगों से मिलने AIIMS पहुंचीं। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। pic.twitter.com/almijBvMsg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 8, 2026
घायलों की हालत पर दिया अपडेट
एम्स में मीडिया से बातचीत करते हुए रेखा गुप्ता ने बताया कि एक मजदूर अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर है। वहीं दो छात्र अब खतरे से बाहर हैं, जबकि एक छात्र अभी भी आईसीयू में भर्ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार घायलों के इलाज और परिवारों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
7 लोगों की गई जान
रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे में कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। मृतकों में कई छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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27 घंटे चला बचाव अभियान
इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव दल लगातार मौके पर जुटे रहे। करीब 27 घंटे तक चले अभियान के बाद सोमवार शाम मलबा हटाने का काम पूरा हुआ। एनडीआरएफ, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर फंसे लोगों को बाहर निकाला। प्रशासन ने बताया कि अब मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है।
पीजी मालिक समेत तीन गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने पीजी के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में इमारत की संरचनात्मक स्थिति और निर्माण संबंधी कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लापरवाही कहां हुई।
हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों पर भी कार्रवाई
मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ पीजी मालिक को जिम्मेदार ठहराकर सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती। अदालत ने एमसीडी को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं दिल्ली सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे वाली इमारत के पास मौजूद दूसरी असुरक्षित इमारत को भी गिराया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।