सावन 2025 की शुरुआत इस बार अत्यंत शुभ संयोगों के साथ हो रही है। पंचांग के अनुसार, श्रावण मास का आरंभ 10 जुलाई 2025, गुरुवार से हो रहा है और यह माह 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस बार सावन में पांच गुरुवार और चार सोमवार पढ़ रहे हैं, जो इसे अत्यधिक पुण्यदायी और फलदायी बना रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है। मान्यता है कि इस महीने में शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और व्रत-उपवास करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
पहले दिन का शुभ मुहूर्त
सावन के पहले दिन शिव पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:50 बजे से 12:45 बजे तक,
और प्रातः पूजन मुहूर्त: सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक उत्तम माना गया है। इस समय में शिवलिंग पर जल चढ़ाना अत्यंत फलदायी रहेगा।
शिव पूजा और जलाभिषेक की विधि
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और शिव मंदिर जाएं या घर में शिवलिंग की स्थापना करें।
सबसे पहले गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल से पंचामृत बनाकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
फिर बेलपत्र, भस्म, सफेद पुष्प, धतूरा, चंदन आदि अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते हुए दीप और धूप जलाएं।
अंत में आरती करें और भगवान से आशीर्वाद लें।
बन रहा विशेष योग
इस बार के सावन में विशेष शिव योग भी बन रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। इसलिए सावन 2025 के पहले ही दिन से श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा शुरू कर दें और भोलेनाथ की कृपा से जीवन को सफल बपनाएं। हालांकि न्यूज ज्योतिष व एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार लिखी जाती है. लोकसत्य इसकी पुष्टी नहीं करता है..