सावन महीने की शुरुआत के मद्देनजर काशी विश्वनाथ धाम में इस बार भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को खास प्राथमिकता दी गई है. मंदिर प्रशासन और यूपी सरकार ने सामंजस्यपूर्ण योजना बनाई है. विशेष श्रृंगार, बहु-प्रवेश मार्ग, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतज़ाम, चिकित्सा सहायता और डिजिटल सुविधाओं से सज्जित यह आयोजन पूरे सावन को यादगार बनाने वाला है. इस सावन, काशी विश्वनाथ धाम में आस्था और सुविधा का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा. विशेष श्रृंगार, व्यवस्थित प्रवेश मार्ग, कड़ी सुरक्षा और व्यापक चिकित्सा इंतज़ाम से लाखों भक्तों को संपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा, बिना किसी परेशानी या जोखिम के. आइए आपको बताते हैं इस बार क्या क्या व्यवस्थाएं की गई हैं-
सावन में बाबा का विशेष श्रृंगार और स्वरूप
सावन के 4 सोमवारों पर बाबा काशी विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार होगा:
1. प्रथम सोमवार – चल प्रतिमा श्रृंगार
2. द्वितीय – गौरी–शंकर श्रृंगार
3. तृतीय – अर्धनारीश्वर श्रृंगार
4. चतुर्थ – रुद्राक्ष श्रृंगार
इसके बाद 9 अगस्त (पूर्णिमा) को मंदिर में झूला श्रृंगार होगा, जिससे भक्तों का आस्था और बढ़ेगी.
मंदिर के पाँच निर्धारित प्रवेश मार्ग
उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर प्रशासन ने सावन के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में भीड़ को सुगमता से संचालित करने के लिए पाँच विशिष्ट मार्ग तय किए हैं. जिनमें से कुछ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर चुने गए हैं-
1. नंदुफारिया (Nandufaria Gate)– मुख्य प्रवेश मार्गों में एक, जहाँ से अधिकांश भक्त दर्शन करते हैं.
2. अन्नपूर्णा (Annapurna Gate) – अन्नपूर्णा मंदिर के पास स्थित द्वार, श्रद्धालुओं के लिए क्षणिक प्रवेश पॉइंट
3. सरस्वती (Saraswati Gate) – खासकर शांति-उन्मुख भक्तों के लिए आरामदायक मार्ग
4. भैरव (Bhairav Gate)– भैरव की निगरानी में सुरक्षा और व्यवस्था सक्षम करने के लिए चुना गया मार्ग
5. काशी द्वार (Kashi Gate / Gate 4B) – स्थानीय पहचान (Aadhaar/Voter ID के आधार पर) वाले वाराणसी निवासियों के लिए सावन में खुला रुट, अन्य भक्तों के लिए विशेष अनुमति.
अवरोधित प्रवेश मार्ग
इन पांच मार्गों के अलावा ललिता घाट / गंगा द्वार सावन के दौरान बंद रहेंगे, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ये रास्ते असुरक्षित माने जा रहे हैं. इन मार्गों पर ज़िगज़ैग पंक्तियाँ, बैरिकेडिंग, छाया और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है.
इन विशेष व्यवस्थाओं से मंदिर में श्रद्धालुओं के सहज प्रवेश और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी भली‑भांति निभाई जाएगी, जिससे सावन में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन अधिक सुगम और सुरक्षित बनेंगे.
VIP दर्शन पर रोक
सावन के दौरान VIP और संस्थागत दर्शन पूरी तरह निषेध है. किसी के द्वारा रुपये वसूलकर दर्शन का प्रस्ताव आए तो भक्तों से पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचित करने का अनुरोध किया गया है.
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर CCTV, बैरिकेड्स, साउंड सिस्टम और श्रावण में भक्तों के मद्देनजर नो-व्हीकल ज़ोन की व्यवस्था की गई है. NDRF, वाटर टैक्स और अतिरिक्त पुलिस तैनात रहेंगे, जिससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके.
चिकित्सा और राहत सुविधाएँ
परिसर में 6 मेडिकल और खोया‑पाया केंद्र होंगे. प्राथमिक उपचार, ग्लूकोज / ORS और पानी की व्यवस्था रहेगी. इसके अलावा 2 एम्बुलेंस (एक ALS सुविधायुक्त), डॉक्टरों की 3-पालीय ड्यूटी, और छोटे आपात यान आपातकाल के लिए तैनात रहेंगे.
क्या साथ नहीं ले जाना है?
श्रावण यात्रियों से गुजारिश की गई है कि वो मंदिर परिसर में बैग, मोबाइल, धातु की वस्तुएं, पेन आदि लेकर न आएं, क्योंकि प्रवेश के लिए प्रतिबंधित होंगे. ऐसा करना भक्तों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज़ से आवश्यक है. इस दौरान वृद्ध, दिव्यांग, अशक्त*भक्तों के लिए free ई-रिक्शा / गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है. वहीं मंदिर प्रांगण और स्मार्ट सिटी द्वारा डिजिटल दर्शन** की सुविधा है. जहां स्मार्टफोन या यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से भक्त घर बैठे दर्शन कर सकेंगे .