Ujjain Mahakaleshwar Sawan Somwar 2026 सावन के पहले सोमवार पर पूरा मध्य प्रदेश भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर तक 3 लाख से ज्यादा भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। वहीं ओंकारेश्वर, पशुपतिनाथ, भोजेश्वर महादेव सहित प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे।
महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के पहले सोमवार के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भक्तों का जनसैलाब देखने को मिला। तड़के से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे।दोपहर 1:30 बजे तक करीब 3 लाख 5 हजार 797 श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। भक्तों ने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया।
चांदी की पालकी में निकले बाबा महाकाल
सावन सोमवार पर उज्जैन में बाबा महाकाल की भव्य सवारी निकाली गई। भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में चांदी की पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले और भक्तों को दर्शन दिए।सवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पालकी के पीछे हाथी पर भगवान मनमहेश की प्रतिमा भी विराजित रही। पूरे मार्ग में भक्तों ने जय महाकाल और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ बाबा का स्वागत किया।
ओंकारेश्वर से पशुपतिनाथ तक शिवालयों में भक्तों की भीड़
सावन के पहले सोमवार पर मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। खंडवा के ओंकारेश्वर-ममलेश्वर मंदिर, मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर, भोजपुर के भोजेश्वर महादेव, खजुराहो के मतंगेश्वर मंदिर और अन्य शिवधामों में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।कई मंदिरों में रात 12 बजे से तो कई स्थानों पर सुबह 4 बजे से ही दर्शन शुरू कर दिए गए थे। भक्तों ने दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया।
कांवड़ यात्राओं से गूंजा प्रदेश, बोल बम के जयकारे
सावन सोमवार के मौके पर प्रदेशभर में कांवड़ यात्राओं का भी उत्साह देखने को मिला। उमरिया के चंदिया में कथली उद्गम से श्रद्धालु करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर शिवधाम पहुंचे और जलाभिषेक किया।इटारसी में मां नर्मदा घाट से बालाजी मंदिर तक भव्य जल कांवड़ यात्रा निकाली गई। वहीं नर्मदापुरम से बड़ी संख्या में कांवड़िए मां नर्मदा का जल लेकर पचमढ़ी स्थित जटाशंकर महादेव के लिए रवाना हुए।
श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ मध्य प्रदेश
श्योपुर के सोईकला में रामेश्वर धाम से पिपलेश्वर महादेव तक कांवड़ यात्रा निकाली गई। वहीं ओंकारेश्वर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा जल लेकर बाबा ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के जलाभिषेक के लिए पहुंचे। सावन के पहले सोमवार पर प्रदेश के हर कोने में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंदिरों में गूंजते मंत्र, कांवड़ यात्राएं और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे मध्य प्रदेश को भक्तिमय बना दिया।