नेपाल की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ने गुरुवार को विशेष अदालत में एक भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। यह मामला पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से जुड़ा है, जो पश्चिमी नेपाल में बना है। इसमें एक पूर्व मंत्री, मौजूदा और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, एक चीनी कंपनी और उसके कुछ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
परियोजना चीन की फंडिंग से बनी थी
यह पिछले डेढ़ साल में चौथी बार है जब कमीशन फॉर इन्वेस्टिगेशन ऑफ एब्यूज ऑफ अथॉरिटी (सीआईएए) ने इस करोड़ों डॉलर की परियोजना में अलग-अलग लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह परियोजना चीन की फंडिंग से बनी थी।
निर्माण चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने किया था
अब तक यह एयर पोर्ट एक तरह से दिखावटी परियोजना बनकर रह गया है, क्योंकि यहां से कोई नियमित उड़ानें नहीं चलती हैं। इस प्रोजेक्ट को चीन के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक से 215.96 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली थी और इसका निर्माण चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने किया था।
11 सरकारी अधिकारी इसमें आरोपी हैं
सीआईएए ने अपने बयान में कहा कि उसने पूर्व वित्त मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की, कई पूर्व सरकारी सचिवों, संयुक्त सचिवों और अन्य अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कुल मिलाकर 11 सरकारी अधिकारी इसमें आरोपी हैं। कार्की पोखरा एयरपोर्ट घोटाले में आरोपित किए गए छठे पूर्व मंत्री हैं। इससे पहले भी पूर्व मंत्री भीम आचार्य, राम कुमार श्रेष्ठ, दीपक अमात्य, राम शरण महत और पोस्ट बहादुर बोगटी के नाम इस मामले में आए थे। इनमें से बोगटी का निधन हो चुका है।इसके अलावा चीनी ठेकेदार कंपनी और उसके अधिकारी चेयरमैन वांग बो और प्रोजेक्ट मैनेजर यांग झिगांग पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने भ्रष्टाचार में सरकारी अधिकारियों की मदद की। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था का कहना है कि सरकारी अधिकारियों और चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने मिलकर नियमों के खिलाफ जाकर चीनी कंपनी को टैक्स और कस्टम ड्यूटी में छूट दी।
3.62 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ
आरोप है कि इससे सरकार को लगभग 3.62 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ। सीआईएए ने कहा कि सिविल एविएशन अथॉरिटी ऑफ नेपाल और चीनी कंपनी के बीच जो कॉन्ट्रैक्ट हुआ था, उसमें पहले से ही टैक्स और कस्टम ड्यूटी शामिल थीं, यानी ये भुगतान कंपनी को करना था। लेकिन बाद में एक अलग समझौता करके कंपनी को इनसे छूट दे दी गई, जिससे उसे डबल फायदा मिला।