मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर सबसे तीखा हमला उसके शासनकाल की कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर बोला। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, “सपा दंगों की बादशाह है, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है।
864 करोड़ रुपये खर्च
योगी ने जेपीएनआईसी को भी सपा शासन से जोड़ते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। उन्होंने बताया कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद केंद्र अधूरा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। उनके मुताबिक सरकार ने जेपीएनआईसी से जुड़ी समिति भंग कर केंद्र को वापस लिया है और सरकारी धन की वसूली का प्रयास किया जाएगा।
“जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च 864 करोड़ रुपये किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार और बेईमानी के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
महिला शक्ति को लेकर योजनाएं गिनाईं
योगी ने मिशन शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी दी जाएगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएसी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में इनके निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री संदीप सिंह समेत जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।