लावड़ मार्ग पर काली नदी के पास बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 10-12 फीट गहरी खाई में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि पास के खेतों में काम कर रहे किसानों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए बस के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद चालक बच्चों को घायल अवस्था में छोड़ मौके से फरार हो गया।
बस गहरी खाई में जा गिरी
जानकारी के अनुसार गांव खेड़ी टप्पा लावड़ मार्ग स्थित सेंट मैरी एकेडमी की बस (रूट नंबर-1) सुबह बच्चों को चिंदौड़ी, लावड़, मवीमीरा व अन्य गांवों से लेकर स्कूल जा रही थी। जैसे ही बस अझौता मोड़ के पास पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय बस में करीब 50-55 बच्चे सवार थे।
देवदूत बने राहगीर और किसान
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद जैनपुर निवासी देवेंद्र, मवीमीरा निवासी जोनित, खेड़ी निवासी अमित, कपिल भाटी और राहुल भाटी समेत अन्य राहगीरों ने साहस का परिचय दिया। इन लोगों ने तुरंत बस के शीशे तोड़े और घायल बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला। घायल बच्चों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
घायल बच्चे: अवनी, शौर्य शर्मा, युवान, देवांग, खुशी, प्रियांग, दीपांग
परिजनों का आरोप :
1.बस संचालकों की लापरवाही को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
2.पुलिस जांच में सामने आया कि बस पर जे.के.जी इंटरनेशनल स्कूल गाजियाबाद लिखा हुआ है, जबकि वह सेंट मैरी एकेडमी के लिए चल रही थी।
3. हादसे के बाद बच्चों की मदद करने के बजाय चालक रूमान मौके से भाग निकला, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
वर्जन
सुमन कुमार सिंह, थाना प्रभारी दौराला का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बस पर गाजियाबाद के एक स्कूल का नाम लिखा है। फरार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।