SCO SUMMIT: MODI-PUTIN-JINPING MOMENT---किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान एक ऐसा पल कैमरे में कैद हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। तीनों नेता कुछ देर साथ नजर आए। इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पास से बिना रुके अपने स्थान की ओर बढ़ते दिखाई दिए।
एक साथ नजर आए मोदी, जिनपिंग और पुतिन
SCO सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे थे। इसी दौरान शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन सामने से आते दिखाई दिए। जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर हाथ बढ़ाया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। इसी दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से भी गर्मजोशी से हाथ मिलाया। कुछ सेकेंड के इस दृश्य में तीनों बड़े नेता एक साथ नजर आए।
पुतिन के साथ पीएम मोदी की खास बॉन्डिंग
जिनपिंग के आगे बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन कुछ देर और बातचीत करते दिखाई दिए। दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक अंदाज नजर आया। इसके बाद पुतिन पीएम मोदी के साथ मंच की ओर बढ़े और उनकी पीठ पर हाथ रखकर आगे ले जाते दिखाई दिए। दोनों नेताओं के बीच यह सहजता खास तौर पर चर्चा में रही।
पास से गुजरे शहबाज शरीफ
इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी अपने स्थान की ओर जाते दिखाई दिए। वीडियो में वह पीएम मोदी, जिनपिंग और पुतिन के पास से शांत तरीके से आगे बढ़ते नजर आए। आसपास नेताओं और प्रतिनिधियों की भीड़ के बीच उनका यह गुजरना वीडियो का अलग हिस्सा बन गया।
तस्वीरों में भी दिखी नेताओं की मौजूदगी
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न नेताओं के साथ तस्वीरें भी साझा कीं। एक तस्वीर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बगल में दिखाई दिए। वहीं दूसरी तस्वीर में पीएम मोदी पुतिन के करीबी माने जाने वाले बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच नजर आए।
SCO मंच पर दिखा कूटनीति का दिलचस्प दृश्य
बिश्केक में सामने आया यह छोटा-सा घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि एक ही मंच पर भारत, चीन और रूस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी पर सभी की नजर थी। मोदी, जिनपिंग और पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात के बीच शहबाज शरीफ का पास से गुजरना वीडियो का खास दृश्य बन गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम से किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय इसे सम्मेलन के दौरान सामने आया एक दिलचस्प दृश्य ही माना जा रहा है।