Scotch Whisky Price Cut : भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते का असर अब भारत के शराब बाजार में भी दिखाई देने लगा है। समझौते के बाद कुछ राज्यों में आयातित स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिली है। महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा और उत्तर प्रदेश में जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल और जेएंडबी जैसे ब्रांड की कीमतों में कटौती की गई है। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, आने वाले समय में दूसरे राज्यों में भी कीमतों में बदलाव हो सकता है।
कुछ राज्यों में पहले ही घटे दाम
भारत-UK व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू हुआ था। इसके बाद डियाजियो और पेरनोड रिकार्ड जैसी बड़ी कंपनियों ने आयात लागत में कमी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू किया है। डियाजियो की 750 मिलीलीटर जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल की कीमत कुछ राज्यों में करीब 4,250 रुपये से घटकर 3,800 रुपये हो गई है। वहीं जेएंडबी की कीमत करीब 2,300 रुपये से घटकर 1,700 रुपये बताई जा रही है। पेरनोड रिकार्ड ने भी चिवास, बैलेंटाइन और द ग्लेनलिवेट जैसे ब्रांड की कीमतें कम करने के लिए कुछ राज्यों में प्रस्ताव दिए हैं।
आयात शुल्क घटने से मिला फायदा
भारत-UK समझौते के तहत ब्रिटिश व्हिस्की पर आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया गया है। यानी आयात शुल्क में बड़ी कमी आई है। आने वाले 10 वर्षों में इसे घटाकर 40 प्रतिशत तक किए जाने का प्रावधान है। हालांकि, आयात शुल्क कम होने का मतलब यह नहीं है कि खुदरा कीमत भी उसी अनुपात में घटेगी। शराब की अंतिम कीमत तय करने में राज्य का आबकारी शुल्क, अन्य कर, परिवहन, वितरण खर्च और कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।
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भारतीय सिंगल माल्ट पर बढ़ेगा दबाव
आयातित स्कॉच की कीमत घटने से भारतीय सिंगल माल्ट कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा का नया माहौल बन सकता है। अमृत, पॉल जॉन और रामपुर जैसे भारतीय ब्रांड पहले से ही प्रीमियम व्हिस्की बाजार में मौजूद हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी ब्रांडों की कीमतों में कमी, उनकी उपलब्धता और नए उत्पादों की पेशकश से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। हालांकि, भारतीय कंपनियां कीमतों में बदलाव को लेकर फिलहाल बाजार की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
त्योहारी सीजन के बाद तस्वीर साफ होगी
अमृत डिस्टिलरीज के प्रमुख रक्षित जगदाले के मुताबिक, विदेशी ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कीमतों में बदलाव पर विचार किया गया है, लेकिन बाजार की स्पष्ट स्थिति समझने के लिए त्योहारी सीजन के बाद का इंतजार किया जा रहा है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश देश के बड़े व्हिस्की बाजारों में शामिल हैं, जबकि महाराष्ट्र और हरियाणा प्रमुख स्कॉच बाजार माने जाते हैं। पेरनोड रिकार्ड ने भी कहा है कि व्यापार समझौते के जरिए वह अपने ब्रांडों को ग्राहकों के लिए अधिक किफायती बनाने और ब्रिटेन से नए स्कॉच उत्पाद लाने पर काम करेगी।
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