मध्यप्रदेश के सिवनी में हवाला धन लूटकांड ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सख्त रुख अपनाते हुए एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा ने सिवनी एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस पूरे मामले की जांच अब जबलपुर क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी जितेन्द्र सिंह के हवाले की गई है।
हवाला कांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल
सिवनी जिले में हवाला धन की डकैती के इस मामले ने पुलिस की साख पर गहरा दाग लगाया है। अपराध क्रमांक 473/2025 के तहत थाना लखनवाड़ा में मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने हवाला कारोबारी को गलत तरीके से रोककर धन जब्त किया और उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी छिपाई। एफआईआर बीएनएस की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षड्यंत्र के तहत दर्ज की गई है।
आईजी ने एसपी को भेजा शो कॉज नोटिस
आईजी प्रमोद वर्मा ने सिवनी पुलिस अधीक्षक से सवाल किया है कि हवाला कांड से जुड़ा पैसा आखिर किसका था और जांच में पारदर्शिता क्यों नहीं रही। वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद की कमी और तथ्यों को छिपाने की वजह से विभाग की साख पर असर पड़ा है। अगर एसपी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
क्राइम ब्रांच करेगी जांच, रिपोर्ट जल्द मांगी गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है। एडिशनल एसपी जितेन्द्र सिंह इस प्रकरण की निगरानी करेंगे। सिवनी कोतवाली में दर्ज एफआईआर की डायरी जबलपुर भेज दी गई है ताकि पूरी जांच निष्पक्ष और त्वरित तरीके से पूरी की जा सके।