
मेरठ के सिवाल खास जंगले में महिला की गला रेत कर हत्या करने के ब्लाइंट मर्डर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हत्या मौलवी पति ने अपने दर्जी दोस्त के साथ मिलकर की थी, क्योंकि महिला निकाह के बाद दूसरी पत्नी से मिलने का विरोध कर रही थी और पति पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने वाली थी। आरोपी पति ने पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या के 22 दिन बाद मुजफ्फरनगर को चरथावल थाने में दूसरी पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने पति व दर्जी को गिरफ्तार जेल भेज दिया है। ब्लाइंड मर्डर का राजफाश करने वाली जानी थाने की पुलिस को एसएसपी ने 25 हजार का इनाम दिया है।
मंगलवार शाम को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया, 17 सितंबर को जानी क्षेत्र के सिवाल खास गांव जंगल में गंगनहर पटरी पर खेत में एक महिला का शव मिला था, जिसने काला बुरखा पहन रखा था और उसकी गला रेत कर हत्या की गई थी। महिला की शिनाख्त के लिए दो टीमें गठित की गई थी, लेकिन आसपास के गांव के लोगों ने महिला को पहचान से इन्कार कर दिया और ना ही आसपास के जिलों में महिला की किसी थाने में गुमशुदगी दर्ज थी। इस ब्लाइंट मर्डर को खोलने के लिए टीम के साथ सीओ सरधना आशुतोष कुमार को भी लगाया गया था।
हत्या के 22 दिन बाद मौलवी पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी
एसएसपी ने बताया, महिला की पहचान के लिए लगातार सीओ सरधना व जानी थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र आसपास की जिलों की पुलिस से समन्वय बनाए हुए थे। इसी दौरान जानी थाना प्रभारी को पता चला, मुजफ्फरनगर के चरथवाल थाने में आठ अक्टूबर को महिला नईमा यासमीन सैकिया की गुमशुदगी दर्ज हुई है, जिसमें पति शहजाद निवासी मोहल्ला कुरैशियान कस्बा व थाना फलावदा, हाल निवासी लक्कीपुरा थाना लिसाड़ीगेट ने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी नईमा यासमीन 16 सितंबर से लापता है। गुमशुदगी को दौरान पति ने चरथावल थाने की पुलिस को नईमा को फोटो भी दिया। जानी थाने की पुलिस ने चरथावल थाने जाकर मामले की जांच की तो सिवाल खास जंगल से मिले शव की पहचान नईमा यासमीन को रुप में हुई। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
इसीलिए दूसरी पत्नी को उतारा मौत के घाट
एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया, शहजाद 18 वर्षों से मस्जिदों में इमाम का कार्य करता है और पांचवीं तक पढ़ा है। शहजाद वर्तमान में सैद नगला गांव थाना चरथावल जिला मुजफ्फरनगर मस्जिद में इमाम का कार्य करता है। शहजाद की सोशल मीडिया के माध्यम से असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली नईमा यासमीन से मुलाकात हुई। बीए पास नईमा कई मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी कर चुकी थी और उसका पति से तलाक हो चुका था। सोशल मीडिया पर मुलाकत के दौरान शहजाद ने नईमा यासमीन को कपड़ा व्यापारी बताया था और खुद को अविवाहित बताकर नईमा से आनलाइन निकाह किया था, जबकि वह शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता है।
निकाह के बाद नईमा यासमीन शहजाद के साथ सैद नगला गांव में रहने लगी, जब उसे पता चला कि शहजाद मस्जिद में इमाम है। उसका कोई घर नहीं है और उसका भरण-पोषण गांव के लोग करते हैं तो दोनों में विवाद होने लगा। नईमा ने शहजाद पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पहली पत्नी से मिलने पर रोक लगा दी थी। इसी के चलते शहजाद ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया, जिसमें अपने दोस्त दर्जी नदीम निवासी मोहल्ला ऊंचा कस्बा व थाना फलावदा, हाल निवासी अहमदनगर, थाना लिसाड़ीगेट को शामिल किया और 12 हजार रुपये का लालच दिया था। योजना के मुताबिक 16 सिंतबर को दोनों नईमा को चरथावल बाजार चलने के बहाने साथ लाए थे। इसी दौरान आरोपियों ने उसे जूस में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। अर्धबेहोशी की हालत में उसे गाड़ी से गंगनहर पटरी सिवाल खास के पास खेत में ले गए। नदीम ने रस्सी से गला कस दिया और शहजाद ने छूरी से गला रेत कर नईमा यासमीन की हत्या कर दी। एसएसपी ने बताया, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर आलाकत्ल और छुरी बरामद की। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।