Major success in Bijapur: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों को एक बड़ी उपलब्धि मिली, जब कुल 41 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें से 32 नक्सलियों पर भारी-भरकम इनाम घोषित था, जिनकी कुल राशि लगभग 1 करोड़ 19 लाख रुपये तक पहुंचती है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई महत्वपूर्ण नक्सली शामिल हैं, जो लंबे समय से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, तेलंगाना स्टेट कमेटी और धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन जैसे प्रभावशाली माओवादी संगठनों से जुड़े थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी नक्सलियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और भारतीय संविधान में आस्था जताते हुए हिंसा छोड़ शांति की राह पर चलने का संकल्प लिया है।
बड़े इनामी नक्सली भी हुए शामिल
सरेंडर करने वालों में 9 नक्सली ऐसे थे, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था, जबकि 3 नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम घोषित था। इसके अलावा 12 नक्सलियों पर 2-2 लाख और 8 नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले हर नक्सली को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, ताकि वे समाज में वापस बस सकें। प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास योजनाओं के तहत उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों की लगातार दबाव और विकास कार्यों की वजह से हिंसा छोड़ने का फैसला किया।
नक्सल मोर्चे पर बड़ी प्रगति
बीजापुर जिले में इस वर्ष नक्सल मोर्चे पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज हुई हैं। अब तक 528 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 560 नक्सलियों ने विभिन्न स्तरों पर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा अपनाई है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ों में 144 माओवादी मारे गए हैं। इस ताजा सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली संगठन के कमजोर पड़ने के संकेत के रूप में देख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में आत्मसमर्पण की संख्या और बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है