
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सोमवार से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है। इस अवसर पर एयरपोर्ट परिसर में एक इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया, जिसमें यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान CISF को आधिकारिक रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई।
350 से अधिक हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे
CISF की तैनाती से एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। एयरपोर्ट परिसर में अत्याधुनिक तकनीकों से लैस सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें 350 से अधिक हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे शामिल हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली भी सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
पहला चरण 30 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यात्रियों को बोर्डिंग पास दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि फेस स्कैन और बायोमैट्रिक डेटा के माध्यम से प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। एयरपोर्ट का पहला चरण 30 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन प्रस्तावित है। उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर 10 शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है। CISF की तैनाती के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे सुरक्षित और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है।