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Entertainment News : जब भी भारतीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं की बात होती है, तो 1994 का मिस इंडिया कॉन्टेस्ट एक ऐसा मोड़ है जिसे भुलाया नहीं जा सकता. इसी वर्ष दो ऐसी सुंदरियों ने देश का सिर गर्व से ऊँचा किया सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय। लेकिन क्या आपको पता है कि उस प्रतियोगिता से पहले सुष्मिता सेन को लगने लगा था कि यह मुकाबला पहले से तय (फिक्स) है और ऐश्वर्या राय ही जीतेंगी?
दरअसल, ऐश्वर्या राय उस समय तक मॉडलिंग की दुनिया में जाना-पहचाना नाम बन चुकी थीं।.उनकी खूबसूरती और कैमरे के सामने आत्मविश्वास सभी को आकर्षित कर रहा था. वहीं, सुष्मिता सेन comparatively नई थीं और ग्लैमर वर्ल्ड में उनकी शुरुआत हो रही थी। ऐसे में उन्होंने खुद को इस प्रतियोगिता में एक अंडरडॉग की तरह महसूस किया. सुष्मिता सेन ने बाद में एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि प्रतियोगिता से एक रात पहले वह इतनी तनाव में थीं कि रोने लगी थीं। उन्हें लग रहा था कि यह कॉन्टेस्ट ऐश्वर्या के लिए ही बना है और उनके जीतने की पूरी संभावना है। इस सोच ने उनके आत्मविश्वास को हिला दिया था.
लेकिन प्रतियोगिता के दिन सुष्मिता सेन ने खुद को संभाला और आत्मविश्वास के साथ स्टेज पर उतरीं। उनके जवाबों में जो स्पष्टता, गहराई और आत्मशक्ति दिखी, उसने न केवल जजेस को प्रभावित किया, बल्कि दर्शकों का भी दिल जीत लिया. नतीजतन, उन्होंने फाइनल में ऐश्वर्या राय को मात देकर मिस इंडिया का ताज अपने नाम किया. यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह एक सबक भी था. खुद पर भरोसा रखने का. अगर सुष्मिता उस दिन हार मान लेतीं, तो शायद भारत को अपनी पहली मिस यूनिवर्स विजेता कभी नहीं मिलती. यह कहानी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रतियोगिता में विजेता वही नहीं होता जिसे सबसे खूबसूरत माना जाए, बल्कि वही होता है जो मुश्किल वक्त में खुद पर यकीन बनाए रखे.