SEHORE CHILDREN DROWN---सीहोर जिले के इछावर में एक दर्दनाक हादसे ने रक्षाबंधन की खुशियों को मातम में बदल दिया। घर से खेलने निकले तीन बच्चों की बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई और उनका बुआ का बेटा शामिल है। हादसे के बाद जब दो सगे भाइयों की अर्थी एक साथ घर से निकली तो पूरा गांव गमगीन हो गया। परिवार में चीख-पुकार मची है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलने निकले थे तीनों बच्चे
इछावर शहर के वार्ड क्रमांक 12 निवासी सोभाल सिंह सूर्यवंशी के दो बेटे प्रशांत और पृथ्वीराज, अपने रिश्ते के भाई दीक्षांत के साथ घर से खेलने के लिए निकले थे। प्रशांत की उम्र 12 साल, पृथ्वीराज की 10 साल और दीक्षांत की 11 साल थी। तीनों खेलते-खेलते घर से करीब आधा किलोमीटर दूर मोगरा रोड पर पहुंच गए। यहां सड़क किनारे बारिश के पानी से मिट्टी का एक गड्ढा पूरी तरह भरा हुआ था।
बचाने की कोशिश में तीनों डूबे
बताया जा रहा है कि गड्ढे में पानी की गहराई का बच्चों को अंदाजा नहीं था। नहाने के दौरान प्रशांत पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए पृथ्वीराज और दीक्षांत भी गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते तीनों बच्चे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने गड्ढे में बच्चों के शव देखे और तत्काल परिवार तथा पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपे शव
सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे तीनों के शव इछावर सिविल अस्पताल लाए गए, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दीक्षांत मामा के घर रहकर कर रहा था पढ़ाई
दीक्षांत अपनी मां मनीषा बाई और पिता अखिलेश के साथ नहीं, बल्कि मामा सोभाल सिंह के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। बताया गया कि उसके माता-पिता काम के सिलसिले में इंदौर गए हुए थे। दीक्षांत मनीषा का इकलौता बेटा था, जबकि सोभाल सिंह के दो बेटे थे। इस हादसे ने भाई-बहन दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। अब दोनों परिवारों में एक-एक छोटी बेटी ही बची है।
रक्षाबंधन से पहले घर में छाया मातम
रक्षाबंधन में महज नौ दिन बाकी हैं, लेकिन जिन घरों में भाई-बहनों के इस त्योहार की तैयारियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। दो सगे भाइयों की अर्थी एक साथ निकलने का दृश्य देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए। परिजनों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि जो बच्चे कुछ देर पहले खेलने के लिए घर से निकले थे, वे वापस नहीं लौटेंगे। थाना प्रभारी रामबाबू राठौर के मुताबिक, तीन बच्चों की डूबने से मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए थे और मामले में जांच जारी है।