नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक भरोसे का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि “दुनिया भारत पर विश्वास करती है और भारत के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। मोदी का यह वक्तव्य अप्रत्यक्ष रूप से ट्रंप की आलोचना का जवाब माना जा रहा है।
हल्के अंदाज में पीएम मोदी का स्वागत भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने चुटीले अंदाज़ में कहा, “कल रात मैं जापान और चीन की यात्रा से लौटा हूं। आप तालियां इसलिए बजा रहे हैं कि मैं वहां गया था या इसलिए कि मैं वापस आ गया?” इसके बाद उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि सेमीकॉन इंडिया केवल एक आयोजन नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की यात्रा का अहम पड़ाव है। उन्होंने हाल ही में आए जीडीपी आंकड़ों का जिक्र कर कहा कि भारत ने हर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
21वीं सदी की ताकत ‘चिप’ में समाई
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “पिछली शताब्दी का भाग्य तेल से तय होता था, लेकिन 21वीं सदी की ताकत एक छोटी सी चिप में सिमटी है। यह चिप दुनिया की प्रगति को नई रफ्तार दे रही है।” उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर का वैश्विक बाजार इस समय 600 अरब डॉलर का है, जो आने वाले वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर जाएगा। मोदी ने विश्वास जताया कि इस बाजार में भारत की हिस्सेदारी बड़ी होगी।
भारत की सबसे छोटी चिप, सबसे बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यात्रा देर से शुरू हुई है, लेकिन अब देश को रोकना असंभव है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत की सबसे छोटी चिप आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा बदलाव लाएगी। दिल्ली में मौजूद प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों ने इसे तकनीकी पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।