बाहरी दिल्ली के रोहिणी जिले के अमन विहार थाना पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कर्ज के बोझ से परेशान होकर 50 वर्षीय अजय कुमार की हत्या कर दी थी और शव को नजफगढ़ नाला में फेंक दिया था।पीड़ित से आरोपियों ने चार लाख रुपए कर्ज लें रखा था।
घर से अपनी मोटरसाइकिल पर निकले
अतिरिक्त आयुक्त पुलिस, राजीव रंजन ने रोहिणी जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 20 फरवरी 2026 को डीडी नंबर 38A के तहत अजय कुमार की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। अजय 19 फरवरी को प्रेम नगर-2 स्थित एक घर से अपनी मोटरसाइकिल पर निकले थे, जिसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में उनके भाई के बयान पर 23/24 फरवरी की रात अमन विहार थाने में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति अजय की मोटरसाइकिल को प्रेम नगर के एक सुनसान स्थान पर खड़ा करता दिखाई दिया। मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रेम नगर निवासी दो सगे भाइयों सोनू (24) और महबूब अली (20) को हिरासत में लिया।
दोनों आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने अजय कुमार से 4 लाख रुपये 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए थे। कर्ज न चुका पाने की स्थिति में उन्होंने साजिश रचकर 19 फरवरी को अजय को घर बुलाया और कथित तौर पर मीट काटने वाले चाकू से वार कर हत्या कर दी।हत्या के बाद शव को नजफगढ़ नाले में फेंक दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चंदन विहार, निलोठी एक्सटेंशन के पास से शव बरामद किया। क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके का निरीक्षण किया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 सहित अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है। मृतक अजय कुमार, सेक्टर-20, रोहिणी निवासी थे और छोटे दुकानदारों को पॉलीथिन बैग सप्लाई करने के साथ-साथ ब्याज पर पैसा देने का काम करते थे। गिरफ्तार आरोपी सोनू प्रेम नगर-3, किराड़ी सुलेमान नगर में होटल चलाता है, जबकि उसका छोटा भाई महबूब अली होटल के काम में हाथ बंटाता था। दोनों सगे भाई हैं।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, “कर्ज से छुटकारा पाने के लिए रची गई यह साजिश अंततः कानून के शिकंजे में आ गई।”