भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1500 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में भी 400 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस भारी बिकवाली ने निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका दिया और बाजार पूंजीकरण में करीब 11 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।
आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटा
आज का कारोबारी दिन IT कंपनियों के लिए सबसे ज्यादा नुकसान वाला साबित हुआ। TCS, Tech Mahindra और HCL Technologies जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट रही। IT इंडेक्स 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, जिससे पूरे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम बेहद कमजोर स्थिति में है। इसी बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। महंगे कच्चे तेल को भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई के लिए नकारात्मक माना जाता है।
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पीएम मोदी की अपील का भी असर
नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और सोने की खरीद सीमित करने की अपील का असर भी बाजार पर दिखाई दिया। खासकर ज्वेलरी और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली रही। निवेशकों ने इसे आर्थिक दबाव और संभावित सुस्ती के संकेत के तौर पर देखा।
रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर
बाजार गिरावट के साथ भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.63 तक कमजोर हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य-पूर्व तनाव और तेल कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।