भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। मंगलवार को कारोबार के दौरान BSE Sensex 700 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 भी करीब 200 अंक तक फिसल गया। निवेशकों में लगातार बढ़ती चिंता का असर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
आज के कारोबार में IT सेक्टर सबसे ज्यादा बिकवाली का शिकार बना। TCS, Infosys और HCL Technologies जैसे दिग्गज शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने टेक शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है।
मध्य-पूर्व तनाव बना बड़ी वजह
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। निवेशकों को आशंका है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर के चलते ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंता बढ़ गई है।
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रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई परेशानी
भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। कमजोर रुपये की वजह से विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इससे बाजार में बिकवाली और तेज हो गई है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों और सोने के सीमित इस्तेमाल की अपील को भी बाजार ने आर्थिक दबाव के संकेत के रूप में देखा है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला असर
जहां एशियाई बाजारों में कुछ जगह मजबूती देखने को मिली, वहीं भारतीय बाजार वैश्विक तनाव और घरेलू चिंताओं से दबाव में रहे। दूसरी ओर अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए थे, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर की मजबूती ने भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।