गुरुवार को शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही और खुलते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूटकर 77,790 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,200 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में घबराहट साफ दिखी और निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी। हालांकि कुछ शेयरों में हल्की खरीदारी भी नजर आई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुख कमजोर ही रहा।
किन शेयरों ने संभाला और किन्होंने गिराया बाजार
निफ्टी में कुछ चुनिंदा शेयरों ने बढ़त दिखाकर बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश की। डॉ रेड्डीज, ओएनजीसी, जियो फाइनेंशियल, सिप्ला और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में तेजी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई लाइफ, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। यही वजह रही कि कुल मिलाकर बाजार लाल निशान में ही बना रहा।
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कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता गहराने लगी है। भारत जैसे देश, जो तेल आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति आर्थिक दबाव पैदा करती है। इसी कारण निवेशकों ने बाजार में सतर्क रुख अपनाया और जोखिम लेने से बचते नजर आए।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की बिकवाली
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों ने 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने भी 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। इस लगातार बिकवाली ने बाजार के मनोबल को और कमजोर कर दिया और गिरावट को तेज कर दिया।
वैश्विक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज क्षेत्र की स्थिति ने भी बाजार पर असर डाला है। इस तरह के हालात में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और आने वाले दिनों में भी उतार चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।