Sensex Market Crash : बुधवार की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में करीब 700 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा टूट गया। बाजार में यह बड़ी गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद देखने को मिली। दोनों देशों के बीच हुए सैन्य हमलों ने दुनियाभर के वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अमेरिका-ईरान टकराव से बढ़ा दबाव
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस घटनाक्रम ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। एशियाई बाजारों में भी इसका असर देखने को मिला और अधिकांश प्रमुख सूचकांक दबाव में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी।
बाजार खुलने से पहले ही मिले संकेत
प्री-ओपनिंग सत्र में ही कमजोरी के संकेत मिलने लगे थे। सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूटकर नीचे आ गया था, जबकि निफ्टी भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। गिफ्ट निफ्टी के संकेतों ने भी बाजार की कमजोर शुरुआत का अनुमान पहले ही दे दिया था। शुरुआती कारोबार में अधिकांश बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे।
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कच्चे तेल में जोरदार उछाल
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। यह पिछले कई सप्ताह का उच्च स्तर माना जा रहा है। ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण तेल बाजार में तेजी देखने को मिली है। यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल की कीमतों पर और दबाव बन सकता है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
तेल महंगा होने का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसी वजह से निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंता फिर से उभरने लगी है।
निवेशकों की नजर अगले कदम पर
फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव के आगे के घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशक वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर कुछ और समय तक जारी रह सकता है।