अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और सीजफायर के ऐलान ने भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। 8 अप्रैल को बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 2800 अंकों की छलांग लगाकर 77,000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 800 अंकों से ज्यादा उछलकर 23,900 के ऊपर कारोबार करता दिखा। इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जो बाजार के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
आज की तेजी में एविएशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर सबसे आगे रहे। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद से इंडिगो के शेयर में करीब 10 प्रतिशत की तेजी आई। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयर लगभग 8 प्रतिशत चढ़े। बैंकिंग सेक्टर में भी मजबूती दिखी, जहां HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंक शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान खासतौर पर उन सेक्टरों में दिखा, जिन्हें वैश्विक स्थिरता से सीधा फायदा मिलता है।
ये भी पढ़ें : Ceasefire के बाद Trump का बड़ा दांव, Hormuz खोलने की शर्त पर ईरान को राहत
एशिया और अमेरिका से मिला सपोर्ट
केवल भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी तेजी का माहौल बना रहा। जापान का निक्केई 225 और टॉपिक्स इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी शानदार उछाल आया। वहीं, अमेरिकी बाजारों में डॉव जोन्स, S&P 500 और Nasdaq फ्यूचर्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया।
तेल सस्ता, RBI स्थिर—डबल फायदा
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट भी बाजार की तेजी की बड़ी वजह बनी। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट और ब्रेंट क्रूड दोनों में 13-14 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। दूसरी ओर, RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने से भी बाजार को सहारा मिला। इससे EMI पर बोझ नहीं बढ़ेगा और बैंकिंग सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना रहेगा, जो आगे भी बाजार को सपोर्ट दे सकता है।