अमेरिका में होने वाले बड़े फैसलों का असर अक्सर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखता है। हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया। इसके बाद ट्रंप ने नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया, लेकिन बाजार में पहले जैसा डर नहीं दिखा। जैसे ही टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता कम हुई, दुनियाभर के बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई और उसका असर भारत में भी नजर आया।
खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी
सप्ताह की शुरुआत में बाजार खुलते ही जोरदार रैली देखने को मिली। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 के मुकाबले ऊपर खुला और कुछ ही मिनटों में 83,486 तक पहुंच गया। निफ्टी भी 25,571.25 के स्तर से ऊपर खुलकर तेजी से 25,771.45 तक चढ़ गया। शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों की चाल ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया।
लार्जकैप शेयरों में दिखी मजबूती
बड़े शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इन शेयरों में दो से तीन फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आई इस मजबूती ने बाजार को और सहारा दिया।
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मिडकैप और स्मॉलकैप में भी चमक
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी रौनक रही। भारत फोर्ज, पॉलिसी बाजार, पेटीएम और भेल जैसे शेयर बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे। वहीं छोटे शेयरों में कोहेंस और आईआईएफएल में चार फीसदी से ज्यादा उछाल देखा गया। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर लौटा है।
टैरिफ का डर घटा, बाजार में आई राहत
टैरिफ को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उसके कम होते ही एशियाई बाजारों में भी तेजी दिखी। जापान को छोड़कर ज्यादातर एशियाई बाजार हरे निशान में बंद हुए। विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों ने खुलकर खरीदारी की।
कितने शेयर चढ़े और कितने गिरे
शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि 830 शेयरों में गिरावट रही। 257 शेयर बिना किसी बदलाव के खुले। कुल मिलाकर बाजार का रुख सकारात्मक रहा और निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। अब आगे की चाल वैश्विक संकेतों और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी।