मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक बंद मकान से शिक्षक दंपति के पूरी तरह जले हुए शव मिलने से सनसनी फैल गई। दो दिनों तक संपर्क नहीं होने पर परिजन और परिचित घर पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। शव इस कदर जल चुके थे कि पहचान करना संभव नहीं रहा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और डीएनए टेस्ट के जरिए पहचान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
दो दिन तक बंद रहा घर, अंदर मिला खौफनाक दृश्य
सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र के ग्राम उगली में रहने वाले शिक्षक दंपति से पिछले दो दिनों से किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर शुक्रवार शाम परिजन और परिचित उनके घर पहुंचे। मकान बंद मिला। अंदर जाकर देखा तो कमरे में पलंग पर दो पूरी तरह जले हुए शव पड़े थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
शवों की पहचान के लिए होगा डीएनए टेस्ट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे और शिक्षक समन सिंह धुर्वे के रूप में की जा रही है। हालांकि शव पूरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान करना संभव नहीं है। इसी वजह से पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से पहचान सुनिश्चित करने के लिए दंपति के बच्चों का डीएनए सैंपल लेने का निर्णय लिया है। डीएनए रिपोर्ट के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
कमरे का सामान भी जलकर हुआ राख
पुलिस के अनुसार जिस कमरे में शव मिले, वहां पलंग, कूलर और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह जल चुका था। शुरुआती अनुमान है कि घटना करीब दो दिन पहले हुई होगी। हालांकि बंद कमरे में इतनी भीषण आग कैसे लगी और इसकी जानकारी आसपास के लोगों को क्यों नहीं लगी, यह जांच का अहम विषय बना हुआ है। घटनास्थल से फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
हादसा, आत्महत्या या हत्या? हर पहलू पर जांच
घटना के समय शिक्षक दंपति के बच्चे घर पर नहीं थे और बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस अब इस मामले की हर संभावित एंगल से जांच कर रही है। यह हादसा था, आत्महत्या या फिर किसी सुनियोजित वारदात का परिणाम, इसका खुलासा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी तथ्यों को जोड़कर घटना की वास्तविक वजह तलाशने में जुटी है।