September Price Hike : सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई की नई खबरें लेकर आई है। महीने के पहले ही दिन कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गैस सिलेंडर, दूध, CNG, PNG, कारों और सार्वजनिक परिवहन के किराए तक में बढ़ोतरी का असर लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। अलग-अलग राज्यों और शहरों में लागू हुए नए रेट आज से प्रभावी हो गए हैं।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
1 सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 9.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली और नोएडा में इसकी कीमत 2747.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में यह 2982 रुपये, चेन्नई में 2916.50 रुपये और मुंबई में 2701 रुपये में उपलब्ध होगा। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
5 किलो सिलेंडर के दाम भी बढ़े
कमर्शियल सिलेंडर के बाद 5 किलो वाले नॉन-डोमेस्टिक FTL सिलेंडर की कीमत में भी इजाफा किया गया है। इसकी कीमत 2 रुपये बढ़कर 762 रुपये से 764 रुपये हो गई है। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है।
ये भी पढ़ें : 1 से 4 सितंबर तक रेल यात्रियों को झटका, कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट
दूध और CNG ने बढ़ाया खर्च
मुंबई में खुले भैंस के दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। अब यह 93 रुपये की जगह 102 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। वहीं तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य 41 रुपये से बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। दूसरी ओर मुंबई में CNG की कीमत 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। घरेलू PNG के दाम में भी 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
कार खरीदना भी हुआ महंगा
वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को भी झटका लगा है। टाटा मोटर्स ने अपनी कई कारों और SUV मॉडल्स की कीमतों में 25 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। वहीं हुंडई ने भी अपने कई मॉडल्स के दाम बढ़ाने का फैसला लागू कर दिया है। इससे नई कार खरीदने वालों को पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा।
ऑटो-टैक्सी किराए में भी इजाफा
मुंबई में ऑटो और काली-पीली टैक्सी से सफर करना भी महंगा हो गया है। ऑटो रिक्शा के किराए में 1 रुपये और टैक्सी किराए में 2 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू की गई है। ऐसे में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत ने आम आदमी के मासिक बजट पर कई तरफ से दबाव बढ़ा दिया है।