Umar in Extortion Case: माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 1.20 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और धमकी से जुड़े मामले में उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने की। मोहम्मद उमर के खिलाफ अतीक अहमद के कथित फाइनेंसर और बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।
छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआर
इस मामले में 26 अप्रैल 2023 को प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें अली अहमद, मोहम्मद उमर, असाद कालिया, एहतेशाम करीम, अजय और मोहम्मद नसरत को आरोपी बनाया गया था। शिकायत में रंगदारी मांगने और धमकी देने समेत गंभीर आरोप लगाए गए थे। हाई कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद मोहम्मद उमर को जमानत देने से इनकार कर दिया।
भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए मिली थी पैरोल
जमानत याचिका खारिज होने से कुछ सप्ताह पहले मोहम्मद उमर और उसके भाई अली अहमद को हाई कोर्ट से सीमित अवधि की पैरोल मिली थी। सात अगस्त को कोर्ट ने उन्हें अपने छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने की अनुमति दी थी। यह अनुमति कुछ निर्धारित शर्तों के साथ दी गई थी और दोनों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए थे। अबान की मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी।
जेल में सुरक्षा को लेकर जताई थी चिंता
मोहम्मद उमर और अली अहमद इससे पहले जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट में चिंता जता चुके हैं। दोनों भाइयों की ओर से अदालत से यह मांग भी की गई थी कि मुकदमे की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाए। उनका कहना था कि जेल में रहते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका है। अदालत के समक्ष इस संबंध में उनकी ओर से दलीलें रखी गई थीं।
कई मामलों में आरोपी है मोहम्मद उमर
मोहम्मद उमर के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 2018 का देवरिया जेल प्रकरण भी शामिल है, जिसमें लखनऊ के एक कारोबारी के कथित अपहरण, मारपीट और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में भी उमर का नाम सामने आया है। अभियोजन पक्ष की ओर से उस पर उमेश पाल की हत्या की साजिश में भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन मामलों में लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।