गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों के मुद्दे पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड एम. ए. बेबी सहित कई सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में विरोध प्रदर्शन के दबाव में प्रशासन को झुकना पड़ा और सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
लंबित मांगों को लेकर वार्ता करनी थी
माकपा और सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से श्रमिकों पर हो रहे दमन, मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी और लंबित मांगों को लेकर वार्ता करनी थी। लेकिन नोएडा पहुंचते ही पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर ही प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया और हिरासत में ले लिया। प्रतिनिधिमंडल में कॉमरेड एम. ए. बेबी, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अरुण कुमार, सांसद कॉमरेड शिवदासन, कॉमरेड ए. ए. रहीम, कॉमरेड जॉन ब्रिटास, कॉमरेड अमर राव सहित अन्य नेता शामिल थे। उन्हें पुलिस लाइन सूरजपुर और फिर डीएम कैंप कार्यालय सेक्टर-27 ले जाया गया, जहां जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं कराई गई।
पुलिस ने गिरफ्तार कर दनकौर चौकी में हिरासत में रखा
इसी दौरान डीएम कार्यालय पहुंचे सीटू और माकपा के स्थानीय नेताओं - कॉमरेड वीरेंद्र गौड़, कॉमरेड पी. वी. अनियन, कॉमरेड राजीव कुमार, कॉमरेड जोगेंद्र सैनी समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर दनकौर चौकी में हिरासत में रखा।
कैंप कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया
जब माकपा नेताओं और सांसदों ने डीएम कैंप कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया, तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वार्ता की। जिलाधिकारी से फोन पर बात कराई गई। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा और सभी गिरफ्तार नेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता में सीटू जिला सचिव कॉमरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को घर पर नजरबंद करने और जेल में बंद सभी निर्दोष मजदूरों की तत्काल रिहाई की मांग रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने इन मांगों पर शासन स्तर पर विचार करने और शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया।आश्वासन मिलने के बाद माकपा नेताओं ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन साफ चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों के साथ अन्याय जारी रहा तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।