उत्तर और मध्य भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है। ग्वालियर-चंबल में ठंडी हवाओं का दबाव बढ़ने लगा है और अगले 48 घंटे में कोहरा दस्तक दे सकता है। चार मौसम सिस्टमों के एक साथ सक्रिय होने से तापमान में गिरावट की पूरी संभावना है। जम्मू-कश्मीर का सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान का चक्रवातीय घेरा, अंडमान-निकोबार और श्रीलंका के पास बने दो कम दबाव क्षेत्र—ये सभी मिलकर ठंड को और तेज करेंगे।
ग्वालियर-चंबल में तापमान गिरने लगा
गुरुवार को ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। ठंडी हवाओं के असर से सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ेगी और दिन का तापमान भी धीरे-धीरे कम होगा।
अगले 48 घंटे में कोहरे की दस्तक
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 48 घंटे में हल्के से मध्यम कोहरे की शुरुआत होने की पूरी संभावना है। ग्वालियर-चंबल में नमी बढ़ने से दृश्यता कम होने की आशंका है। कोहरे की वजह से खासकर सुबह के समय यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही रातें ज्यादा सर्द और दिन ठंडे होने लगेंगे।
चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय – बड़ा असर
अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र
यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी हवाओं के दबाव को बढ़ा रहा है जो ठंडक को और तेजी से उत्तर की ओर धकेल रहा है।
श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र
इससे दक्षिण की ठंडी हवाएँ दिशा बदलकर मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय नया पश्चिमी विक्षोभ
यह सिस्टम उत्तर भारत में बादल, बारिश और बर्फबारी की स्थिति बना रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में कोहरे की संभावना बढ़ गई है।
राजस्थान में चक्रवातीय घेरा
यह अरब सागर से नमी खींचकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की ओर भेज रहा है, जिससे कोहरे की परत बनने लगी है।
अगले दो दिनों में बढ़ेगी सर्दी – सतर्क रहने की सलाह
चारों सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से मध्य भारत में ठंड का असर तेज होगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह-शाम गर्म कपड़ों का उपयोग करने और सड़कों पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।