मध्य प्रदेश में सर्दी ने अचानक तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत की पहाड़ियों में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर अब प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। आने वाले 48 घंटों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में गलन वाली शीतलहर, घना कोहरा और कम विजिबिलिटी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
पहाड़ों की बर्फबारी से बदला प्रदेश का मौसम
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण ठंडी और बर्फीली हवाएं मैदानी राज्यों की ओर बढ़ रही हैं। इसका असर मध्य प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है, जिससे सुबह और देर रात गलन का अहसास बढ़ गया है। मौसम के इस बदलाव से आम जनजीवन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
25 से अधिक शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। शहडोल, उमरिया, राजगढ़, नौगांव जैसे इलाकों में तापमान पहले ही 3 से 7 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह गिरावट और तेज हो सकती है, जिससे ठंड की तीव्रता बढ़ेगी।
बड़े शहरों में भी शीतलहर का असर
राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहर भी शीतलहर की चपेट में हैं। यहां न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। ठंडी हवाओं के साथ गलन ने लोगों को गर्म कपड़ों में रहने पर मजबूर कर दिया है। सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही करने वालों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
कोहरे से घटेगी विजिबिलिटी, सतर्कता जरूरी
ठंड के साथ-साथ घना कोहरा भी चिंता का कारण बन सकता है। कई जिलों में सुबह और रात के समय विजिबिलिटी काफी कम रहने की संभावना है। ऐसे हालात में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
अगले 48 घंटे रहेंगे सबसे ज्यादा ठंडे
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा ठंडे साबित हो सकते हैं। जबलपुर, कटनी, सतना, गुना, धार, मंदसौर, खंडवा और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान और नीचे जाने की संभावना है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम रखें और अनावश्यक रूप से सुबह-रात बाहर निकलने से बचें।