श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय ओपनर शैफाली वर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह महिला क्रिकेट की सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में क्यों गिनी जाती हैं। 129 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शैफाली ने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर मैच को एकतरफा बना दिया। हालांकि वह भारतीय महिला क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाईं, लेकिन उनकी पारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
रिकॉर्ड से बस एक कदम दूर
टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय महिला बल्लेबाजों के सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड ऋचा घोष और स्मृति मंधाना के नाम है। ऋचा ने 18 गेंदों और स्मृति ने 23 गेंदों में यह कारनामा किया है। शैफाली खुद भी पहले 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ चुकी हैं, लेकिन इस मैच में वह 27 गेंदों पर अर्धशतक तक पहुंचीं। इसके बावजूद उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टी20 में संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना भी 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ चुकी हैं।
गियर बदलते ही टूटी गेंदबाजों की लय
शैफाली की पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने सही समय पर रफ्तार बढ़ाई। एक समय वह 14 गेंदों पर 20 रन बनाकर खेल रही थीं, लेकिन छठे ओवर में उन्होंने अचानक गियर बदला। इस ओवर में दो चौके और एक छक्के की मदद से 16 रन बटोरे और स्कोर तेजी से आगे बढ़ाया। इसके बाद गेंदबाजों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। दसवें ओवर में चौके के साथ उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और भारतीय डगआउट में जोश भर दिया।
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200 से ऊपर स्ट्राइक रेट, करियर भी दमदार
शैफाली वर्मा ने इस मुकाबले में 202 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। इस पारी के दम पर भारत ने 11.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। शैफाली ने स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स और हरमनप्रीत कौर के साथ अहम साझेदारियां कीं। टी20 करियर की बात करें तो शैफाली अब तक 90 पारियों में 2200 से ज्यादा रन बना चुकी हैं और उनके नाम 11 अर्धशतक दर्ज हैं। उनकी यह पारी आने वाले मैचों के लिए भी बड़ा संकेत मानी जा रही है।