Shahdol News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आस्था का अनोखा केंद्र सिंहपुर गांव का काली माता मंदिर भक्तों की श्रद्धा का बड़ा ठिकाना है। जिला मुख्यालय से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर की मान्यता है कि यहां मां काली के दर्शन भर से हर इच्छा पूरी होती है। नवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मां के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठता है।
मां काली और गणेश जी का दुर्लभ संगम
सिंहपुर गांव के इस चमत्कारी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां मां काली अपने पुत्र भगवान गणेश के साथ विराजमान हैं। यह अद्भुत दृश्य भक्तों को अद्वितीय ऊर्जा और शांति का अनुभव कराता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां काली और गणेश जी के एक साथ दर्शन करने से जीवन की हर समस्या समाप्त हो जाती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
छह पीढ़ियों से चल रही पूजा परंपरा
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां लगभग छह पीढ़ियों से निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। समय-समय पर भक्तों ने मां काली के कई चमत्कारों को अनुभव किया है। एक व्यापारी परिवार ने बताया कि एक बार वे यात्रा के दौरान रास्ता भटक गए थे, तभी अचानक एक छोटी बच्ची ने उन्हें सही रास्ता दिखाया। श्रद्धालु मानते हैं कि वह बच्ची स्वयं देवी मां का रूप थी।
पड़ोसी राज्य से भी उमड़ती भीड़
सिंहपुर काली माता मंदिर की ख्याति सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों से भी भक्त यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में दर्शन करने से मन को गहरी शांति और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।