
गुजरात एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ते) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु से एक महिला आतंकी शमा परवीन को गिरफ्तार किया है. शमा परवीन पर आरोप है कि वह अल-कायदा के भारतीय मॉड्यूल की मास्टरमाइंड है और पाकिस्तान से सीधे संपर्क में थी. उसकी उम्र 30 साल है और वह पिछले कुछ समय से बेंगलुरु में रह रही थी.
कैसे सामने आया नाम?
कुछ दिन पहले एटीएस ने 21 और 22 जुलाई को देश के अलग-अलग हिस्सों से चार आतंकियों को पकड़ा था. पूछताछ में इन आतंकियों ने शमा परवीन का नाम लिया, जिसके बाद एटीएस की टीम ने उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया.
क्या हैं आरोप?
शमा परवीन पूरी तरह रेडिकलाइज (कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित) है. वह पाकिस्तान के संपर्क में थी और अल-कायदा की विचारधारा को बढ़ावा दे रही थी. सोशल मीडिया पर वह भ्रामक बातें फैलाकर लोगों को आतंकवाद की ओर उकसा रही थी. वह गजवा-ए-हिंद (भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की साजिश) जैसी विचारधारा को फैलाने का काम कर रही थी.
कैसे काम कर रहा था ये मॉड्यूल?
एटीएस की जांच में सामने आया है कि ये आतंकी इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि युवाओं को बहकाया जा सके. उनका मकसद था भारत में हिंसा और दहशत फैलाना.
बता दें कि अभी तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें शमा परवीन को मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) माना जा रहा है. एटीएस ने 25 संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच शुरू की है और 62 सोशल मीडिया अकाउंट्स से डेटा जुटाया जा रहा है. सभी आरोपियों पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और आईपीसी की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
क्यों है ये गिरफ्तारी अहम?
महिला आतंकियों की गिरफ्तारी बेहद गंभीर मानी जाती है, क्योंकि यह दर्शाता है कि अब महिलाएं भी आतंकी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. शमा परवीन की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और आने वाले समय में बड़े खुलासों की उम्मीद है. गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि यह कार्रवाई समय पर की गई, जिससे एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया जा सका.