Delhi Crime News: दिल्ली-एनसीआर में एक नाबालिग छात्रा के साथ चलती बस में कथित तौर पर दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना 4 अगस्त की बताई जा रही है। आरोप बस के ड्राइवर और कंडक्टर पर हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जिस बस में वारदात हुई, उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा किसी बात को लेकर घर से निकल गई थी। उसे नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जाना था। भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण वह अपने गंतव्य तक पहुंचने के बजाय परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक खाली बस को उसने रुकने का इशारा किया। बस में मौजूद कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 तक छोड़ने की बात कही।
बस के अंदर ही आरोपियों ने किया अपराध
पुलिस के अनुसार, बस के आगे बढ़ने के कुछ समय बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार शुरू हुआ। आरोप है कि बाद में ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने विरोध किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। बताया जा रहा है कि बस परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर चली। देर रात आरोपियों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से चले गए। इसके बाद छात्रा ने पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसके परिजनों को दिल्ली बुलाया और आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस की जांच में सामने आया कि बस में कुछ तकनीकी खराबी के बाद उसे सूरजपुर स्थित वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले जाया गया था। मरम्मत के बाद बस को खाली हालत में तिमारपुर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान परी चौक पर छात्रा बस में सवार हुई। पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से बस के ड्राइवर और कंडक्टर की पहचान की। दोनों को तिमारपुर स्थित बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया गया। जिस बस में घटना हुई, उसे जांच के लिए कब्जे में लेकर फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
बस में लगे थे गहरे पर्दे, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि बस की खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे हुए थे। इससे बाहर से बस के भीतर की गतिविधियां आसानी से दिखाई नहीं देती थीं। पुलिस के मुताबिक, परी चौक से कश्मीरी गेट के बीच बस को किसी पुलिस चेकिंग का सामना नहीं करना पड़ा। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर बसों में सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कमर्शियल बसों में सुरक्षा के क्या नियम हैं?
दिल्ली-एनसीआर में व्यावसायिक बसों के संचालन को लेकर कई सुरक्षा नियम लागू हैं। इनमें ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस सत्यापन, यूनिफॉर्म और नेम प्लेट जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। बस के भीतर ऐसी व्यवस्था भी नहीं होनी चाहिए जिससे बाहर से अंदर का दृश्य पूरी तरह बाधित हो जाए। इसके अलावा आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पैनिक बटन जैसी व्यवस्था का प्रावधान है, जिसे संबंधित कंट्रोल रूम से जोड़े जाने की व्यवस्था होती है। सार्वजनिक परिवहन में CCTV और GPS आधारित निगरानी को मजबूत करने पर भी लगातार जोर दिया जाता रहा है। ताजा घटना के बाद इन सुरक्षा इंतजामों की जमीनी स्थिति और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।