Shani Amavasya 2026: 10 अक्टूबर 2026 को पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस बार शनिवार को अमावस्या पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या भी कहा जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति का कुछ राशियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मानसिक उलझन, पैसों से जुड़ी परेशानियां और कामकाज में रुकावटें सामने आने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर तीन राशियों के जातकों को इस दौरान अपने फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं किन राशियों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
कन्या राशि: सेहत और तनाव को नजरअंदाज न करें
कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। ज्योतिषीय आकलन के मुताबिक, छोटी-छोटी बातों को लेकर मन परेशान हो सकता है। काम का दबाव बढ़ने से थकान महसूस होने की आशंका है, इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी होगा। दूसरी ओर, अचानक कुछ ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं, जिनकी आपने पहले से योजना नहीं बनाई होगी। किसी भी महत्वपूर्ण काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसके हर पहलू पर विचार करें। लापरवाही से बचना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
तुला राशि: सोच-समझकर करें पैसों का इस्तेमाल
तुला राशि वालों को इस अवधि में अपने आर्थिक मामलों पर खास ध्यान देना चाहिए। गैरजरूरी खर्च बढ़ने से बचत पर असर पड़ सकता है। किसी काम में पैसा लगाने या बड़ा आर्थिक निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह जानकारी जुटा लें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। परिवार के सदस्यों, विशेषकर माता-पिता की सेहत और जरूरतों को लेकर भी सजग रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें और खर्चों का हिसाब रखें।
मीन राशि: साझेदारी और वैवाहिक जीवन में बरतें सावधानी
मीन राशि के जातकों को कारोबार और निजी संबंधों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत हो सकती है। व्यावसायिक साझेदारी में किसी बात को लेकर मतभेद उभरने की आशंका है। इसलिए किसी भी समझौते या लेन-देन से पहले सभी शर्तों को ध्यान से समझ लें। व्यक्तिगत जीवन में भी छोटी-सी बात बहस का रूप ले सकती है। जीवनसाथी की बातों को समझने की कोशिश करें और गुस्से में कोई प्रतिक्रिया देने से बचें। आपसी बातचीत और धैर्य से कई उलझनों को बढ़ने से रोका जा सकता है।
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शनि अमावस्या पर क्या उपाय कर सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि अमावस्या पर कुछ पूजा-पाठ और दान के कार्य करना शुभ माना जाता है। नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए श्रद्धालु ये उपाय कर सकते हैं:
.सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का चार मुख वाला दीपक जलाएं।
.भगवान शिव की पूजा करके शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं।
.मन की शांति और शिव कृपा के लिए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
.जरूरतमंद लोगों को काले तिल और उड़द की दाल दान करें।
.हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।