Shaniwar Ke Upay: हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं, जहां वे गलत काम करने वालों को दंडित करते हैं, वहीं शुभ कर्म करने वालों पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या कोई अन्य शनि दोष चल रहा है, तो शनिवार के दिन किए जाने वाले ये 5 अचूक और सरल उपाय आपके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति ला सकते हैं।
पीपल के पेड़ के पास दीपदान और परिक्रमा
शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक प्रज्वलित करते समय 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल की पूजा करने वालों से शनि देव अति प्रसन्न होते हैं।
छाया दान से नकारात्मक ऊर्जा का नाश
शनि दोष के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए छाया दान को सबसे शक्तिशाली उपाय माना गया है। इसके लिए लोहे या मिट्टी के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें। इसके पश्चात उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में रख आएं। ऐसा करने से शरीर की नकारात्मक ऊर्जा और ग्रह दोष दूर होते हैं।
हनुमान जी की पूजा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भी भक्त बजरंगबली की पूजा करेगा, वे उसे कभी प्रताड़ित नहीं करेंगे। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। इससे शनि की वक्र दृष्टि शांत होती है और व्यक्ति को मानसिक बल प्राप्त होता है।
काले कुत्ते और पक्षियों की सेवा
बेजुबान जीवों की सेवा करने वालों पर शनि देव की दया दृष्टि हमेशा बनी रहती है। शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई रोटी खिलाएं और कौवों व अन्य पक्षियों के लिए सात प्रकार के अनाज डालें।
जरूरतमंदों को करें काली वस्तुओं का दान
कर्मप्रधान शनि देव असहाय और गरीबों की मदद करने वालों से शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, काली उड़द की दाल, काला छाता, कंबल या चमड़े के जूतों-चप्पलों का दान करें।