Shani Gochar 2027: ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। मान्यता है कि शनि की चाल बदलने का असर सभी राशियों के जीवन पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। करीब 30 साल बाद शनि एक बार फिर मेष राशि में प्रवेश करने वाले हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में पहुंचेंगे। मेष राशि को शनि की नीच राशि माना जाता है। ऐसे में शनि का यहां गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इस दौरान मानसिक दबाव, कामकाज में रुकावट और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत पड़ सकती है। तो चलिए जानते हैं शनि गोचर के दौरान किन राशियों को सावधान रहना होगा।
मेष राशि
शनि का गोचर मेष राशि में ही होने वाला है, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी रखनी होगी। इस दौरान साढ़ेसाती का पहला चरण भी शुरू होगा। कामकाज को लेकर दबाव बढ़ सकता है और छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। नौकरी करने वालों का अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकता है। कारोबार में भी जल्दबाजी में फैसला लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है। खासकर पैसों से जुड़े किसी भी निर्णय में जल्दबाजी करने से बचना होगा। यह समय धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए भी शनि का मेष में पहुंचना आसान समय नहीं माना जा रहा है। इस गोचर के बाद आर्थिक मामलों में दबाव महसूस हो सकता है। अचानक ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं जिनकी पहले से कोई योजना न हो। काम पूरे होने में देरी और बार-बार अड़चन आने से परेशानियां बढ़ सकती हैं। मन में अनजाना डर या बेचैनी बनी रह सकती है। पैसों का लेन-देन करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहतर रहेगा। किसी को भी बिना सोचे-समझे बड़ी रकम देने से बचना चाहिए।
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि हैं, लेकिन मेष में उनका गोचर इस राशि के लिए कुछ परेशानियां लेकर आ सकता है। शनि के चतुर्थ भाव में आने से घरेलू जीवन और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। काम का दबाव बढ़ सकता है और कई बार ऐसा महसूस होगा कि मेहनत के मुताबिक परिणाम नहीं मिल रहा। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव पैदा हो सकता है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े फैसले लेते समय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी होगा। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
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शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं में शनि की शांति के लिए हनुमान जी की उपासना को विशेष महत्व दिया गया है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है। शनिवार की शाम 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप भी किया जा सकता है। इसके अलावा शनिवार को काले तिल, काली उड़द, सरसों का तेल या काले वस्त्र का जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।