ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। इस मामले में प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कानून के मुताबिक केस दर्ज कर लिया गया है और अब जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आरोप काफी गंभीर हैं, इसलिए पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की कई धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने शंकराचार्य के अलावा उनके एक शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को भी आरोपी बनाया है। एफआईआर में 2 से 3 अज्ञात लोगों का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शंकराचार्य का पहला बयान
आरोप सामने आने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी स्थित अपने मठ में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह निश्चिंत हैं और जांच में सहयोग करेंगे। उनका कहना है कि पुलिस जब चाहे पूछताछ कर सकती है, वे कहीं भागने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं लगती, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
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बोले– मुकदमा पूरी तरह झूठा
शंकराचार्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह मुकदमा झूठा है। उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और किसी भी जांच का विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सच को सामने आने में समय लग सकता है, लेकिन अंत में न्याय जरूर होगा। उनका कहना है कि निचली अदालत से लेकर उच्चतम अदालत तक उन्हें न्याय पर भरोसा है।
सीसीटीवी का दिया हवाला
अपने बचाव में शंकराचार्य ने कहा कि प्रयागराज में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन लड़कों का नाम लिया जा रहा है, वे कभी गुरुकुल में पढ़े ही नहीं। उनका कहना है कि अगर जांच सही तरीके से होगी तो सीसीटीवी और अन्य सबूत सच्चाई खुद सामने ले आएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा कुछ हुआ होता तो उसके सबूत जरूर मिलते।
आगे क्या होगी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इस मामले ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया पर टिकी है।