लखनऊ। ज्योतिषपीठ के शंकचाराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, माघ मेला प्रशासन की दो नोटिस और मेले से बैन करने, जमीन आवंटन रद्द करने की धमकी दिए जाने के बाद भी अपनी बात पर अडिग हैं। कहा, जब तक प्रशासन माफी नहीं मांग लेता और ससम्मान संगम स्नान नहीं करा देता हम शिविर प्रवेश नहीं करेंगे। अगर इस साल शिविर प्रवेश नहीं हुआ तो वापस लौट जाएंगे और अगली साल फिर आएंगे लेकिन ऐसे ही बाहर पालकी पर बैठे रहेंगे, जहां पुलिस प्रशासन हमें मौनी अमावस्या के दिन छोड़ गया था।
दो नोटिस प्रशासन ने भेजी, दोनों का हमने जवाब दे दिया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता है कि हम त्रिवेणी में स्नान करें, तो हम जहां पुलिस छोड़ गई थी, वहीं बैठे हैं।उन्होंने कहाकि माघ मेला प्रशासन ने अब तक हमें दो नोटिस भेजी है। एक में कहा था कि सिद्ध करो कि तुम शंकराचार्य हो और दूसरी में कहा है कि क्यों ना आपको सदा के लिए मेला में प्रवेश करने से वर्जित कर दिया जाए और जो आपको जमीन व सुविधा आवंटित की गई है उसे वापस ले लिया जाए।
उनकी पहली नोटिस थी कि आप शंकराचार्य कैसे हैं? इसका हमने प्रमाण सहित जवाब दे दिया है। दूसरा जो उनका कहना था जमीन और सुविधा वापस लेने का तो, उसमें हमने उनको यह जवाब दिया है कि आपने भूखंड और सुविधाएं दी हैं उसे आप निरस्त कर सकते हैं। इसमें कोई बाधा नहीं है। हम आपके टुकड़ों पर पलने वाले लोग तो है नहीं। आपने सम्मान से दिया था तो हमने ले लिया था। अगर आपको लगता है कि आपने गलत आवंटन कर दिया है तो आप वापस ले लीजिए, लेकिन आपको यह बताना पड़ेगा कि किस कारण से दिया था और किस कारण से वापस ले रहे हैं। देना गलत था या लेना गलत था। एक तो गलत हो गया, तो इसका आपको जवाब देना पड़ेगा।