शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब बड़ा यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा है कि शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा फर्जी था और यह सब उन्होंने दबाव में किया। उनके इस बयान के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है और कई सवाल खड़े हो गए हैं।
रामचंद्र दास पर लगाए गंभीर आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके गुरुभाई रामचंद्र दास ने उन्हें गुमराह किया और शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि पूरी योजना पहले से तैयार थी और उन्हें इसका हिस्सा बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आश्रम और संपत्ति से जुड़े विवाद के चलते यह पूरा घटनाक्रम रचा गया।
फर्जी वसीयत और आश्रम कब्जाने का दावा
वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि फर्जी वसीयत तैयार कर आश्रम पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भेज दी है और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उनका दावा है कि उनके पास कई ऐसे सबूत और बातचीत के रिकॉर्ड मौजूद हैं जो पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते हैं।
चैट और दस्तावेजों का किया जिक्र
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके पास मुकदमा दर्ज कराने से लेकर अन्य गतिविधियों तक की पूरी चैट मौजूद है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वह और भी बड़े खुलासे कर सकते हैं। उनका कहना है कि अब वह पूरी सच्चाई जनता और अदालत के सामने रखेंगे।
पहले क्या था मामला?
माघ मेले के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसी मामले में अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए गए थे। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
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नए बयान से बढ़ी हलचल
अब जब शिकायतकर्ता खुद अपने आरोपों को दबाव में किया गया बता रहा है, तो मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। इस नए बयान के बाद जांच एजेंसियों और अदालत की भूमिका पर भी नजरें टिक गई हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।