शरद नवरात्रि 2025 की तैयारियां पूरे मध्य प्रदेश में जोरों पर हैं। इस बार गुना के बजरंगगढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री बीसभुजा देवी मंदिर में खास नियम लागू होंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रांगण में इस बार अगरबत्ती न जलाने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव साफ-सफाई और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाकर सभी के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। आयोजन की अवधि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक रहेगी।
पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था
बीसभुजा देवी मंदिर परिसर व आसपास पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्राम पंचायत बजरंगगढ़ संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। नगरपालिका परिषद गुना प्रतिदिन पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। वहीं, रंगाई-पुताई और सफाई कार्य ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होगी ताकि मंदिर परिसर पूरी तरह से स्वच्छ बना रहे और श्रद्धालु सुविधाजनक रूप से पूजा-अर्चना कर सकें।
स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंध
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होंगे, इसलिए स्वास्थ्य शिविर व एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मेडिकल टीम तैनात रहेगी, जिससे किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या का समय पर समाधान हो सके। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
बिजली और यातायात प्रबंधन
मंदिर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग द्वारा अतिरिक्त तार सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही परिवहन व यातायात विभाग भी पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और वन-वे मार्ग तय कर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन का ध्यान रखेगा।
अगरबत्ती न जलाने का कारण
इस बार बीसभुजा देवी मंदिर में अगरबत्ती न जलाने का फैसला मुख्य रूप से सुरक्षा और पर्यावरण के दृष्टिकोण से लिया गया है। भीड़-भाड़ वाले समय में खुली जगह पर अगरबत्ती जलाना कई बार हादसे की संभावना बढ़ा देता है। साथ ही, इससे धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ताकि पर्व शांतिपूर्ण व सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके।