
शरद पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करने से न केवल आर्थिक लाभ होता है, बल्कि घर-परिवार में खुशहाली आती है और व्यक्ति रोग-दोषों से मुक्त होता है। मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की कृपा पाने के लिए इस दिन कुछ चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस आर्टिकल में पढ़े शरद पूर्णिमा पर कौन सी चीज दान करना बेहद शुभ।
धार्मिक मान्यता है कि यह वर्ष की एकमात्र रात होती है जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। उसकी किरणों में दिव्य औषधीय गुण होते हैं, जो अमृत के समान माने जाते हैं। इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जो भक्त जागरण व पूजा करते हैं, उन पर धन-धान्य की वर्षा करती हैं। इसलिए शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
क्यों खास है शरद पूर्णिमा?
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का त्योहार विशेष महत्व रखता है। यह पर्व अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जिसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह वर्ष की एकमात्र रात होती है जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृत के समान दिव्य औषधीय गुणों से भरी होती हैं। यह तिथि धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी, जगत के पालक भगवान विष्णु और चंद्र देव को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जो भक्त जागरण करते हुए उनकी पूजा करते हैं, उन पर विशेष कृपा बरसाती हैं। शरद पूर्णिमा पर चावल दान करने से चंद्रमा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर में अन्न-भंडार भरे रहते हैं और परिवार को आर्थिक समृद्धि मिलती है। गेहूं का दान करने से सूर्य देव की कृपा भी प्राप्त होती है।
दीपदान का महत्व
इस पर्व पर मंदिरों, पवित्र नदियों या तालाबों में दीपदान करना बेहद शुभ है। माना जाता है कि दीपदान करने से मां लक्ष्मी और पितरों की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। चूंकि यह पर्व चंद्रमा और खीर से जुड़ा है, इसलिए दूध, दही और खीर जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना बहुत फलदायी होता है। खीर को रात में चंद्रमा की चांदनी में रखकर उसमें अमृत के गुणों का संचार होने दिया जाता है। अगले दिन इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों को खीर या दूध का दान करने से घर में खुशहाली बनी रहती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
वस्त्र दान
जरूरतमंदों को वस्त्र दान करना महादान माना गया है। विशेषकर सफेद वस्त्र दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। किसी कन्या या सुहागिन स्त्री को वस्त्र दान करना मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उत्तम उपाय है। ज्योतिष में चांदी को चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है। यदि संभव हो तो शरद पूर्णिमा के दिन किसी ब्राह्मण को चांदी के पात्र (जैसे गिलास या कटोरी) का दान करें। अगर चांदी का दान संभव न हो, तो चंद्र देव से संबंधित कोई अन्य सफेद धातु का दान भी कर सकते हैं।